अमरोहा। बेटे के शादीशुदा महिला से अवैध संबंध होने के कारण पिता ने उसकी हत्या की साजिश रची। दोनों के बीच अक्सर अनबन होने के कारण पिता सतेंद्र ने ही सुपारी देकर दीपक की हत्या कराई थी। छह महीने पहले अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की पटकथा लिखी। इसके तीन महीने बाद दोस्त के जरिए दो क्षेत्रीय बदमाशों को 2.70 लाख रुपये में सुपारी दी। पुलिस ने हत्यारोपी पिता सतेंद्र, उसके दोस्त उमर और सुपारी लेने वाले दो बदमाशों जरीफ व रईस को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उनके कब्जे से दीपक के कपड़े, फावड़ा, बाइक, मोबाइल और सुपारी के 1.70 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस ने चारों हत्यारोपियों को जेल भेज दिया है। एसपी अमित कुमार आनंद ने पुलिस ऑफिस में दीपक हत्याकांड को खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बीते सोमवार को रजबपुर थानाक्षेत्र के शहबाजपुर कलां गांव के गन्ने के खेत में अज्ञात युवक का शव पड़ा मिला था। मृतक ने सिर्फ अंडरवियर पहन रखा था, उसके चेहरे पर चोट के निशान थे। जबकि, उसकी सिर में गोली मार कर हत्या की गई थी। अगले दिन मृतक की पहचान नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गालिबबाड़ा के रहने वाले दीपक के रूप में हुई थी। इस मामले में मृतक के पिता सतेंद्र सिंह ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। एसपी ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया था। साथ ही हत्या के खुलासे के लिए रजबपुर थाना पुलिस के अलावा एसओजी व सर्विलांस टीम को लगाया था। इस दौरान पुलिस ने गांव में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की और सर्विलांस की मदद ली। छानबीन के दौरान पुलिस को चौकाने वाले साक्ष्य हाथ लगे। एसपी के मुताबिक दीपक शराब पीने का आदि था। उसके दूसरे समाज की शादीशुदा महिला से प्रेम संबंध थे, जिसे लेकर दीपक और उसके पिता सतेंद्र के बीच अनबन रहती थी।
करीब दो साल पहले दीपक उस महिला को भगाकर घर साथ ले आया था। इसके बाद महिला के पति ने दीपक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था। इस संबंध में कई गांवों के लोगों की पंचायत हुई और महिला को उसके पति के पास भेजना पड़ा था। बावजूद इसके दीपक महिला का साथ नहीं छोड़ रहा था। दीपक अपने पिता सतेंद्र से महिला को किसी भी तरह हासिल करने की बात कहता था। इतना ही नहीं दीपक अपने पिता से संपत्ति में अपना हिस्सा मांगने लगा था। समाज में इज्जत की खातिर पिता सतेंद्र ने दीपक की हत्या करने का मन बना लिया। छह महीने पहले सतेंद्र ने धनौरा थानाक्षेत्र के हलपुरा गांव निवासी अपने दोस्त उमर से मुलाकात की और बेटे दीपक की हत्या की योजना बनाई। अब से करीब तीन महीने पहले सतेंद्र अपने दोस्त उमर के जरिए हलपुरा गांव के ही रहने वाले जरीफ और मूंढाखेड़ा गांव के रहने वाले रईस से मिला। जरीफ पहले भी हत्या के मुकदमे में जेल जा चुका है। जेल में ही उसकी मुलाकात रईस से हुई थी। जरीफ और रईस ने दीपक की हत्या करने के एवज में तीन लाख रुपये की मांग की थी। जबकि, सतेंद्र ने 2.70 लाख रुपये में सुपारी दे दी। घटना से दो महीने पहले सतेंद्र ने अपने दोस्त उमर के घर जाकर जरीफ और रईस को 1.70 लाख रुपये दे दिए थे। जिसके बाद 22 जून की रात रईस और जरीफ ने दीपक की हत्या कर शव को गन्ने के खेत में छिपा दिया था।

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