March 6, 2026
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रामपुर। जिले में मिलक इलाके की एक गांव निवासी महिला ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर एक दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि मिलक कोतवाली में तैनात दरोगा ने उसकी नाबालिग बेटी को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजे और वीडियो कॉल कर उसे परेशान किया। यही नहीं, जब पीड़ित परिवार ने विरोध किया तो एक सिपाही को घर भेजकर मोबाइल से फोटो और चैटिंग डिलीट करवा दिए गए। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत की है। महिला ने शिकायत में बताया कि कुछ दिन पहले उसकी नाबालिग पुत्री के साथ गलत हरकत होने पर उसने मिलक कोतवाली में शिकायती पत्र दिया था। इसके बाद कोतवाली क्षेत्र में तैनात हल्का दरोगा ने फोन कर महिला और उसकी बेटी को थाने बुलाया। थाने में नाबालिग से पूछताछ के बाद दरोगा ने उसका मोबाइल नंबर लिया और कहा कि अब वह घर चले जाएं, अगले दिन दूसरे पक्ष को बुलाकर बातचीत की जाएगी। महिला का आरोप है कि उसी रात दरोगा ने उसकी बेटी के फोन पर वीडियो कॉल की। इसके अलावा व्हाट्सएप पर लगातार मैसेज भेजने शुरू कर दिए। एक मैसेज में लिखा, नहीं बाबू तुम्हें नहीं मरने दूंगा। बाबू एक बार मिलना चाहा। अन्य चैट में दरोगा ने अकेले मिलने की बात कही थी। जब बेटी ने सारी बातें मां को बताईं तो वह अगले दिन सुबह थाने पहुंची। महिला का आरोप है कि वहां दरोगा ने उसे डांटकर थाने से भगा दिया। इसके बाद मंगलवार सुबह एक हल्के का सिपाही उनके घर पहुंचा और बहाने से मोबाइल लेकर उसमें मौजूद चैटिंग और फोटो डिलीट कर दिए। पीड़िता ने कहा कि दरोगा बार-बार उसकी बेटी से अकेले में मिलने का दबाव बना रहा था। महिला ने पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र को शिकायती पत्र देकर दरोगा पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उधर, दरोगा का कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। उन्होंने किसी को कोई अश्लील मैसेज नहीं भेजा और यह सब उन्हें फंसाने की साजिश है। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच मिलक क्षेत्राधिकारी को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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