मुरादाबाद। राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने जांच के दौरान तीन बोगस फर्मों से 7. 79 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी है। इस मामले में रामपुर की एक फर्म ने 94 लाख रुपये तत्काल जमा कर दिए हैं। अन्य दो फर्मों की जांच चल रही है। राज्य कर विभाग ने जांच में पाया गया कि मंडल की 128 बोगस फर्मों के माध्यम से लकड़ी की खरीद बिक्री की गई है। इन फर्मों ने 1300 करोड़ का टर्न ओवर किया। जुलाई में टैक्स कम आने पर अपर आयुक्त ग्रेड -1 अशोक कुमार सिंह ने बोगस फर्मों की खरीद बिक्री की जांच करने की जिम्मेदारी खुद संभाली। इस मामले में राज्य कर की टीमों ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि रामपुर जिले की चौधरी ट्रेडर्स, इरशाद इंटरप्राइजेज और अमरोहा जिले की फर्म एसए ट्रेडर्स ने अवैध ढंग से खरीद बिक्री कर 7.79 करोड़ की जीएसटी चोरी की है। इन फर्मों ने उत्तराखंड से लकड़ी की खरीद और बिक्री की है। जांच में यह भी आया कि चौधरी ट्रेडर्स ने किसानों से माल खरीदा लेकिन जीएसटी जमा नहीं किया। साथ ही दूसरे प्रांत में माल बेचने के लिए पंजीकृत फर्मों से आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) अर्जित किया। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में एक पेपर मिल को माल की सप्लाई की। इस मामले में अपर आयुक्त ने पेपर मिल प्रबंधन से भी पूछताछ की। मिल प्रबंधन को भी बोगस फर्मों के बारे में अवगत कराया गया। इसके बाद चौधरी ट्रेडर्स ने 94 लाख रुपये नगद जमा कर दिए। अन्य फर्मों की जांच कार्रवाई चल रही है।
95 फर्मों का निरस्त हो चुका जीएसटी रजिस्ट्रेशन
प्रदेश के प्रमुख सचिव लकड़ी की फर्मों के जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने मंडल के पांच जिलों में लकड़ी की 128 बोगस फर्मों को चिह्नित किया है। जांच में आया है कि इन फर्मों ने 1300 करोड़ का टर्नओवर किया है। बोगस फर्मों से करीब 200 करोड़ रुपये जीएसटी चोरी की आशंका है। पहले राज्य कर विभाग की रिपोर्ट पर सीजीएसटी ने 53 फर्मों का पंजीयन निरस्त किया था। इसके बाद 42 और बोगस फर्मों का पंजीयन सीजीएसटी के अधिकारियों ने निरस्त कर दिया है।
मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा और रामपुर से शुरू हुई लकड़ी की बोगस फर्मों की जांच की आंच अमरोहा, संभल और बिजनौर तक पहुंच गई है। जांच में आया है कि सरकार से पैसा हड़पने के लिए चतुर कारोबारियों ने नई नई तरकीबें अपनाई हैं। इसी कारण काफी संख्या में कारोबारियों के रिफंड भी रोके गए हैं।
बोगस फर्मों से जुड़े लोगों की सूची शासन को भेजी
राज्य कर विभाग ने बोगस फर्माें से जुड़े 12 लोगों की सूची तैयार की है। इस मामले में गोपनीय सूची पुलिस को सौंपी जाएगी, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। राज्य कर विभाग ने इस मामले में कोतवाली में एक केस दर्ज कराया है।
राज्य कर के अधिकारियों की जांच में आया है कि लकड़ी की एक फर्म ने कोतवाली क्षेत्र का पता देकर पांच करोड़ का टर्नओवर किया है। जांच में कोतवाली क्षेत्र का पता फर्जी निकला है। राज्य कर अधिकारी मंडल में बोगस फर्मों के माध्यम से जीएसटी चोरी में लगे लोगों की तलाश तेज कर दी है।
राज्य कर विभाग की जांच में 12 संदिग्ध लोगों के नाम सामने आए हैं, जो बोगस फर्मों के पंजीयन कराकर जीएसटी चोरी कर रहे थे। सूची को राज्य कर पुलिस से शेयर करेगा। पुलिस जांच कर इसी आधार पर कार्रवाई करेगी।

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