काशीपुर। सुबह उठकर घर का दरवाजा खोलते ही सड़क पर गोवंशीय पशुओं और कुत्तों का मल-मूत्र नजर आने से लोगों में रोष व्याप्त हो रहा है। इसके अलावा दिनभर गली-कूचों और शहर की मुख्य सड़कों पर गोवंशीय पशुओं के घूमने से भी लोग बुरी तरह परेशान हैं। वे हैरत में हैं कि काशीपुर में आखिर इतने गोवंशीय पशु कहां से आ गये। इधर, कुत्तों और बंदरों के आतंक ने भी शहर में लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर भर में गलियों और चौराहों पर भारी तादाद में नजर आने वाले कुत्तों से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। सड़क से गुजरते वाहनों पर झपटने से कई बार दुर्घटना भी हो जाती है। इसी तरह शहर के कई इलाकों में बंदरों के झुंड छतों व सड़कों पर दिन-भर घूमते रहते हैं। रात के समय भी इन्हें देखा जा सकता है। ये बंदर आए दिन घरों व दुकानों में घुसकर खाने-पीने की चीजें और सामान तक उठा ले जाते हैं। ये संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि इन आक्रामक बंदरों ने बच्चों और बुजुर्गों पर हमले भी शुरू कर दिए हैं। शहरवासियों ने नगर प्रशासन से गोवंशीय पशुओं, कुत्तों और बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।

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