March 6, 2026
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काशीपुर। बिजली विभाग के एस.डी.ओ. व जे.ई. के खिलाफ निगरानी याचिका को प्रथम अपर जिला जज, काशीपुर ने खारिज कर दिया है। थाना आईटीआई अंतर्गत हेमपुर इस्माईल निवासी प्यारे लाल ने प्रथम अपर जिला जज, काशीपुर के यहां निगरानी याचिका दायर कर कहा कि अप्रैल 2024 में वह अपनी रिश्तेदारी में गया था, तभी रमेश चन्द्र से मिलकर बिजली विभाग, काशीपुर के एसडीओ पंकज कुमार व जेई संदीप के द्वारा षड्यन्त्र के तहत उसके बिजली कनेक्शन को बिना स्वीकृति काट दिया गया। जब घर आया तो देखा कि बिजली नहीं आ रही थी, उसने बिजली विभाग से सूचना मांगी तो पता चला कि रमेश चन्द्र, पंकज कुमार एसडीओ व संदीप जेई ने फर्जी कागज बनाकर कागजों में प्यारे लाल के फर्जी अंगूठा लगाकर कनेक्शन पूर्ण रूप से काट दिया, जबकि प्यारे लाल ने कनेक्शन काटने का कोई आवेदन नहीं दिया। बहस के दौरान विद्युत विभाग के अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने तर्क दिया कि विद्युत कनेक्शन कटने से विद्युत विभाग को हानि होती है और उसका उपभोक्ता कम होता है, परन्तु ऐसे में एसडीओ व जेई की कोई संलिप्तता नहीं है, अतः कनेक्शन काटने व जोड़ने के सम्बन्ध में विद्युत अधिनियम, 2003 इण्डियन इलैक्ट्रीसिटी रूल 1956 व इलैक्ट्रीसिटी सप्लाई कोड में स्पष्ट प्राविधान दिये गये हैं, इस प्रकार प्यारे लाल ने झूठा आरोप लगाया है, और उक्त कनेक्शन को काटने या जोड़ने से एसडीओ व जेई को कोई गैर विधिक लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है, बल्कि उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग के प्राविधानों के अन्तर्गत कार्य किया जाता है। अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल की बहस व तर्कों से संतुष्ट होकर प्रथम अपर जिला जज, काशीपुर ने प्यारे लाल द्वारा योजित निगरानी एसडीओ पंकज कुमार व जेई संदीप के खिलाफ याचिका खारिज कर दी।

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