March 6, 2026
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लालकुआं (नैनीताल)। क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। दुष्कर्म के एक मामले की जांच कर रही महिला दरोगा पर ही पीड़िता को धमकाने और आरोपी को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की विभागीय जांच में लापरवाही और एकपक्षीय कार्रवाई के आरोप सही पाए जाने के बाद एसएसपी ने संबंधित महिला दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि वर्ष 2025 में एक महिला ने लालकुआं कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि भगवत सरन नाम के व्यक्ति ने उसे प्रेम जाल में फंसाकर शादी का झांसा दिया और लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी शादी से मुकर गया। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। पीड़िता के शादी की बात करने पर आरोपी ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर लालकुआं कोतवाली में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना एसआई अंजू यादव को सौंपी गई थी। हालांकि, विवेचना के दौरान पीड़िता ने आरोप लगाए कि जांच अधिकारी की ओर से निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जा रही है और उल्टा उस पर ही दबाव बनाया जा रहा है।
पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग की ओर से आंतरिक जांच कराई गई, जिसमें प्रथम दृष्टया विवेचना में गंभीर लापरवाही सामने आई। एसएसपी के अनुसार, जांच में पाया गया कि मामले की जांच सरसरी तौर पर की गई और आरोपी को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं, पीड़िता को ही धमकाने के आरोप भी सही पाए गए। इन तथ्यों के सामने आने के बाद एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने महिला दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए जल्द ही नए जांच अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। इस कार्रवाई के बाद मामला पुलिस महकमे और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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