नैनीताल। हाईकोर्ट ने काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह के आत्महत्या करने पर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक व दर्ज मुकदमे को निरस्त करने के मामले में सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। साथ ही साफ किया कि जांच जारी रहेगी। कोर्ट ने सरकार सहित निजी प्रतिवादियों काे नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने आरोपियों को जांच में सहयोग करने को कहा है। शुक्रवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ में काशीपुर के कुलविंदर सिंह, दिव्या पाण्डे व अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं का कहना था कि उनको इस केस में गलत फंसाया गया है, जबकि सरकार की ओर से कहा गया कि मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन भी किया गया है। कोर्ट ने दोपहर में सुनवाई पूरी कर निर्णय सुरक्षित रख लिया था, जिसे शाम को जारी किया गया।
ज्ञात हो कि शनिवार देर रात हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित एक होटल में काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह ने पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने इंटरनेट मीडिया में वीडियो जारी कर विपक्षियों सहित पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया था। कहा था कि उसके साथ जमीन के मामले करीब चार करोड़ की धोखाधड़ी हुई है। उसकी शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टा उनको डरा धमकाया गया। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर वीडियो को आधार बनाते हुए अमरजीत सिंह, दिव्या, रवींद्र कौर, लवप्रीत कौर, कुलविंदर सिंह उर्फ जस्सी, हरदीप कौर, आशीष चौहान, गिरवर सिंह, महिपाल सिंह, शिवेंद्र सिंह, विमल, विमल की पत्नी, देवेंद्र, राजेंद्र, गुरप्रेम सिंह, जगपाल सिंह, जगवीर राय, मनप्रीत कलसी, अमित, मोहित, सुखवंत सिंह पन्नू, वीरपाल सिंह पन्नू, बलवंत सिंह, बिजेंद्र, पूजा और जहीर आदि 26 लोगों पर काशीपुर की आईटीआई कोतवाली में मामला दर्ज किया है।

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