March 6, 2026
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देहरादून। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर देहरादून के परेड मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान सीएम सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। इसके साथ ही समारोह में विभिन्न विभागों की झाकियां भी निकाली गईं।
              राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने गणतंत्र दिवस की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान निर्माताओं को नमन किया है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप संस्कृति, रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा और सैन्य शक्ति के क्षेत्र में भारत ने विश्व मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति यात्रा में देवभूमि उत्तराखंड भी पूरे सामर्थ्य से सहभागी बना है। राज्य में आधारभूत ढांचे, सड़क, रेल, एयर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और निवेश के क्षेत्र में शानदार कार्य हुए हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश आज तेजी से विकास के नए आयाम छू रहा है। राज्यपाल ने कहा कि योग और आयुर्वेद राज्य की आत्मा हैं। राज्य को योग-भूमि और वेलनेस हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। देवभूमि उत्तराखंड को हमने अध्यात्म का वैश्विक केंद्र बनाने का संकल्प लिया है। कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति और हमारी बेटियां शिक्षा, सेना और खेल के मैदान से लेकर उद्यमिता तक, हर क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। यूसीसी के माध्यम से उत्तराखंड ने अपनी माताओं, बहनों और बेटियों को सुरक्षा और समानता का कानूनी कवच दिया है। प्रदेश में तकनीक का उपयोग प्रशासनिक पारदर्शिता, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा में तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं एवं राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान के निर्माण का महापर्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर हमें स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने तथा अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि संविधान के उद्देश्यों के अनुरूप न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूलभूत लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहे। भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने व देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। इस प्रेरणादायी कथन से प्रदेशवासियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। राज्य सरकार ने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार का उद्देश्य है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड ने देश के अन्य राज्यों के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप को बनाए रखने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। तीर्थ यात्राओं के बेहतर प्रबंधन के साथ तीर्थाटन से जुड़ी स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। कुमाऊं मंडल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने एवं आर्थिक सुदृढ़ता के उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा की भी शुरुआत की गई है। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधारों के साथ उद्योग-अनुकूल वातावरण का सृजन किया जा रहा है। नीति आयोग की निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड को छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

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