काशीपुर। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) के उत्तराखंड राज्य शाखा अध्यक्ष डॉ. रवि सहोता ने चिकित्सा विधिक जागरूकता दिवस के अवसर पर चिकित्सकों के विरुद्ध बढ़ते आपराधिक मामलों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि IAP देशभर के 50,000 से अधिक शिशु रोग विशेषज्ञों का राष्ट्रीय संगठन है, जो बच्चों के स्वास्थ्य एवं नैतिक चिकित्सा पद्धतियों के संरक्षण के लिए कार्यरत है। डॉ. सिहोरा ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय ने जैकब मैथ्यू बनाम पंजाब राज्य सहित विभिन्न निर्णयों में यह निर्देश दिए हैं कि चिकित्सकों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई केवल गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही के मामलों में ही की जानी चाहिए। उपचार के दौरान प्रतिकूल परिणाम मात्र को अपराध नहीं माना जा सकता। संगठन ने कहा कि किसी भी मामले में प्राथमिकी दर्ज करने से पूर्व प्रारंभिक जांच तथा स्वतंत्र चिकित्सकीय विशेषज्ञ राय अनिवार्य है। साथ ही, चिकित्सकों की गिरफ्तारी केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही की जानी चाहिए। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, उत्तराखंड राज्य शाखा अध्यक्ष डॉ. रवि सहोता ने विधि प्रवर्तन एजेंसियों से सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने तथा समाचार माध्यमों से संतुलित एवं उत्तरदायी रिपोर्टिंग की अपील की है।

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