March 6, 2026
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काशीपुर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं दिग्गज कांग्रेसी नेता हरीश रावत ने मंगलवार सायं यहां प्रदेश कांग्रेस सचिव शिवम शर्मा के आवास पर पहुंचकर शिवम शर्मा की बहन का विवाह संपन्न होने पर पूरे परिवार को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। यहां सभी ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से मुखातिब पूर्व मुख्यमंत्री श्री रावत ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जनता के बुनियादी सवालों को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है, बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं में वृद्धि हो रही है तथा कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास पूरी तरह ठप पड़ा है। गांवों में लोग जंगली जानवरों-बाघ, भालू, बंदर, सूअर और हाथियों से असुरक्षित हैं, जबकि शहरों में खनन माफिया और डंपरों का आतंक है। ऐसा लगता है मानो लोगों के जीवन का कोई मूल्य ही नहीं रह गया। प्रदेश में बढ़ते अपराधों और हाल में विभिन्न जिलों के एसएसपी के तबादलों पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश रावत ने कहा कि यह सरकार की स्वीकारोक्ति है कि अपराध अनियंत्रित हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल अधिकारियों के चेहरे बदले जा रहे हैं, व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा। श्री रावत ने कहा‌ कि पुलिसिंग के बजाय पुलिस वसूली में ज्यादा व्यस्त नजर आती है। इससे कानून व्यवस्था की स्थिति और कमजोर हो रही है। चुनाव के समय भाजपा द्वारा मुस्लिम यूनिवर्सिटी या जुमे की नमाज़ पर छुट्टी जैसे मुद्दे उठाने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह झूठ पर आधारित प्रचार है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके ऐसे किसी बयान का प्रमाण कोई प्रस्तुत कर दे तो वे राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रमाण लाने वाले के लिए इनाम भी घोषित किया गया है। रावत ने कहा कि झूठ के सहारे सत्ता में आई भाजपा आज प्रदेश में लूट का तांडव मचा रही है। प्रदेश में चल रही एसआईआर प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता सूची शुद्धिकरण का उद्देश्य सही मतदाता की पहचान होना चाहिए, लेकिन यदि विपक्ष के समर्थकों के नाम काटे जाते हैं और फर्जी नाम जोड़े जाते हैं तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।

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