March 6, 2026
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 काशीपुर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत काशीपुर से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं? यह सवाल काशीपुर के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर गूंज उठा है। आमजनमानस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी इस पर चर्चा करते सुना जा रहा है। चर्चा ये भी है कि पर्वतीय एवं मुस्लिम वोटों को साधने में जुटे पूर्व मुख्यमंत्री यहां अपने पुत्र के लिए राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे हैं। वैसे इस सीट से स्वयं चुनाव लड़ने‌ की भूमिका बनाने में जुटे कांग्रेसी नेता इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज़ कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इन दिनों काशीपुर में हरीश रावत की सक्रियता कुछ ज्यादा ही बढ़ती नजर आ रही है।‌ काशीपुर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संदीप सहगल के पिता रमेश सहगल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष पूजा सिंह के ससुर धर्मवीर अरोरा, वार्ड-25 के पार्षद शरीफ सिद्दीकी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके आवास पर पहुंचने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश कांग्रेस सचिव शिवम शर्मा के घर जाकर उनकी बहन एवं कांग्रेसी नेता जय सिंह गौतम के यहां जाकर उनकी पुत्री के विवाह की शुभकामनाएं दीं। वे सैनिक कालोनी में अर्जुन रावत के यहां भी गये, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। करीब सप्ताह भर लगातार पूर्व मुख्यमंत्री ने काशीपुर में कांग्रेसी नेताओं व कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। राजनीति के जानकार हरीश रावत की काशीपुर में सक्रियता के मायने निकालते हुए बताते हैं कि श्री रावत आगामी विधानसभा चुनाव के लिए काशीपुर सीट से स्वयं मैदान में उतरने अथवा अपने पुत्र को चुनाव लड़ाने हेतु आमजन व कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलने में जुटे हैं। पुरानी बातें याद दिलाते हुए वे बताते हैं कि हरीश रावत पहले भी यहां से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन वक्त की नजाकत देखते हुए उन्होंने अपने कदम पीछे कर लिये। उधर, काशीपुर सीट से स्वयं चुनाव लड़ने‌ की भूमिका बनाने में जुटे कांग्रेसी नेता इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज़ कर रहे हैं। एक वरिष्ठ नेता ने सिर्फ इतना ही कहा कि हरीश रावत कांग्रेस के सर्वमान्य नेता हैं। उन्होंने उत्तराखंड में सदैव कांग्रेस पार्टी को मजबूत किया है। बहरहाल, काशीपुर में हरीश रावत की बढ़ती सक्रियता ने नये सवालों को जन्म दे दिया है।

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