March 11, 2026
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काशीपुर। कुमाऊं गढ़वाल चैंबर ऑफ कामर्स (KGCCI) की बोर्ड बैठक में मिडिल ईस्ट में जंग के चलते उद्योगों के सामने आ रहे संकट को लेकर मंथन किया गया। बुधवार को केजीसीसीआई सभागार में हुई बैठक में उद्यमियों ने कहा कि उद्योगों में तैयार माल ना बाहर जा पा रहा है नहीं कच्चे माल की आपूर्ति हो रही है। वहीं कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की बिक्री पर रोक के चलते गैस आधारित उद्योग बंदी के कगार में पहुंच गए हैं। पेट्रोलियम आधारित उद्योगों में केमिकल का इस्तेमाल होता है। फार्मा हाइड्राइड की आपूर्ति बंद हो गई है। इनके दामों में 60 फ़ीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। नेचुरल गैस पर आधारित उद्योगों को 20 फीसदी कटौती के नोटिस मिल गए हैं। कोयला खरीदना भी महंगा हो गया है। एक्सपोर्ट कर मंगाने वाले कच्चे माल के दाम दो से तीन हजार हजार रुपये अमेरिकन डॉलर बढ़ गए हैं। उत्तराखंड से बड़ी मात्रा में चावल विदेशों को जाता है। अब वह भी नहीं जा पा रहा है। यदि लड़ाई लंबी छिड़ी तो उद्योगों के सामने बंदी के संकट के साथ ही रोज़गार का संकट खड़ा हो जाएगा। बैठक में केजीसीसीआई के महासचिव नितिन अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरएस मिड्ढा, कोषाध्यक्ष अर्पित बंसल, पूर्व अध्यक्ष अशोक बंसल, विनीत सिंघल, देवेंद्र अग्रवाल, संजीव जिंदल आदि मौजूद रहे।

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