October 17, 2026
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काशीपुर। मरणोपरांत नेत्रदान से दूसरों के जीवन में उजाला लाने की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वसुधैव कुटुम्बकम्, काशीपुर के तत्वावधान में 63वाँ नेत्रदान संपन्न हुआ। ब्रह्मलीन श्रीमती रीता शर्मा जी के निधन के पश्चात उनके परिवार ने नेत्रदान की सहमति देकर समाज के समक्ष मानव सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।

उनके पति दिनेश कुमार शर्मा एवं सुपुत्रियों श्रीमती स्वाति शर्मा, श्रीमती गरिमा शर्मा और श्रीमती नेहा शर्मा की सहमति से नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न हुई। दान किए गए कॉर्निया से दो लोगों के जीवन में रोशनी आने की आशा है। शोक की घड़ी में लिए गए इस पुनीत निर्णय ने श्रीमती रीता शर्मा की स्मृति को मानव सेवा से जोड़ दिया है।

इस नेत्रदान में समाजसेवी शीतल शर्मा जी का विशेष योगदान रहा। उन्होंने कहा कि नेत्रदान ऐसा पुनीत कार्य है, जिसके माध्यम से व्यक्ति मरणोपरांत भी किसी के जीवन में उजाला ला सकता है। उन्होंने समाज से नेत्रदान के प्रति जागरूक होने और इस सेवा अभियान से जुड़ने की अपील की।

संस्था के संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल ने बताया कि नेत्रदान के लिए आयु अपने आप में बाधा नहीं है। कई सामान्य बीमारियों अथवा मोतियाबिंद के उपचार के बाद भी कॉर्निया दान संभव हो सकता है। हालांकि, दान किए गए कॉर्निया की उपयोगिता का अंतिम निर्णय नेत्र बैंक की चिकित्सकीय टीम करती है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया सम्मानपूर्वक की जाती है और सामान्यतः अंतिम दर्शन के समय चेहरे पर कोई विकृति दिखाई नहीं देती।

उन्होंने परिजनों से अपील की कि मृत्यु के पश्चात नेत्रदान की इच्छा होने पर यथाशीघ्र नेत्रदान सहायता टीम से संपर्क करें और उसके निर्देशों का पालन करें।

नेत्रदान सहायता—24×7
9837080678 | 9548799947

संस्था के संरक्षक योगेश जिंदल, अध्यक्ष विकास जैन, सचिव प्रियांशु बंसल, कोषाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल तथा दीपक मित्तल, आशीष गुप्ता, अनुज सिंघल, अंकुर मित्तल, आशीष पैगिया एवं सीए सचिन अग्रवाल ने शर्मा परिवार के इस पुनीत निर्णय के प्रति आभार व्यक्त किया। सभी ने दिवंगत आत्मा की चिरशांति तथा शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

संस्था ने क्षेत्रवासियों से मरणोपरांत नेत्रदान के प्रति जागरूक होने तथा इस मानव सेवा अभियान में वसुधैव कुटुम्बकम्, काशीपुर का सहयोग करने का आह्वान किया।

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