November 5, 2026
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काशीपुर/रानीखेत। राज्य स्थापना दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर उत्तराखंड में नये जिलों की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। काशीपुर में जनजीवन उत्थान समिति ने इस मांग को फिर हवा दी है तो रानीखेत में क्षेत्रीय विकास मोर्चा द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है। काशीपुर में जनजीवन उत्थान समिति अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेन्द्र कुमार मिश्रा ने कहा कि उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भाजपा की धामी सरकार को अविलंब काशीपुर को जिला घोषित कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि काशीपुर जिले की मांग वर्षों पुरानी मांग है। इसके लिए काशीपुर बार एसोसिएशन, जनजीवन उत्थान समिति और व्यापारिक संगठनों द्वारा भी पुरजोर मांग उठाई जाती रही है। खून से लिखे ज्ञापन भी सौंपे गए हैं, लेकिन यह मांग आज तक पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने जानना चाहा कि भाजपा और कांग्रेस द्वारा जब काशीपुर को संगठनात्मक जिला मान लिया गया है तो फिर इसके सरकारी तौर पर जिला घोषित करने में दिक्कत क्यों है? जबकि काशीपुर जिला बनने के सभी मानक पूरे करता है। एडवोकेट मिश्रा ने कहा कि यदि धामी सरकार काशीपुर को जिला घोषित करती है तो यहां की जनता उन्हें सदैव याद रखेगी। उधर, किसी दौर में राज्य की सबसे बड़ी तहसील रही रानीखेत को पृथक जिला बनाने का मुद्दा फिर जोर पकड़ने लगा है। वर्षों पुराने सपने को साकार कराने के लिए गठित क्षेत्रीय विकास मोर्चा ने राज्य स्थापना की वर्षगांठ पर नए जनपद बनाने के लिए आवाज बुलंद की है। साथ ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया है। क्षेत्रीय विकास मोर्चा के बैनर तले नागरिकों के एक शिष्टमंडल ने संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी से मुलाकात की। सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। कहा कि रानीखेत को जिला बनाने की मांग 1955 से चली आ रही है।
कहा कि ब्रिटिश काल से ऐतिहासिक और सामरिक महत्व रखने वाले रानीखेत में कुमाऊं रेजिमेंट व एसएसबी का मुख्यालय, उद्यान निदेशालय तथा जीपीओ समेत कई जिला स्तरीय कार्यालय संचालित हैं। यहीं नहीं अन्य कार्यालयों के लिए पर्याप्त सरकारी भूमि भी उपलब्ध है। कहा कि पूर्व में कई मुख्यमंत्रियों ने रानीखेत जिले की घोषणा के बावजूद आज तक जिला अस्तित्व में नहीं आ सका है।

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