September 14, 2026
IMG_20260910_162029

काशीपुर। जनजीवन उत्थान समिति के तत्वाधान में स्वर्गीय सत्येंद्र चंद्र गुड़िया मार्ग स्थित श्री जगदीश प्रेरणा भवन के सभागार में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें बोलते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता तथा हिंदी प्रेम सभा समिति के उपाध्यक्ष एडवोकेट शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि हिंदी भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं बल्कि समाज की सोच संस्कृति और भविष्य की दिशा भी निर्धारित करती है। हिंदी देश की आत्मा है। 14 सितंबर 1949 को भारत के संविधान में हिंदी को देश की राष्ट्रभाषा स्वीकार किया गया। हिंदी भाषा के विकास में अमीर खुसरो ने भी अपना विशेष योगदान दिया था। हिंदी में सोचना और उसे समृद्ध करना आज युवाओं के लिए भी तकनीकी रूप से आवश्यक है। आज हिंदी वैश्विक डिजिटल जगत में मुख्य रूप से उभर कर सामने आ रही है और वसुधैव कुटुंबकम के मंत्र को साकार कर रही है। हिंदी पूरे विश्व में बोले जाने वाली भाषा है। इसका उदय संस्कृत भाषा से लगभग 1200 वर्ष पूर्व हुआ था। तकनीकी उत्कृष्टता के दौर में भी हिंदी भाषा ने विकास के आयाम को छुआ है। आज जरूरत है देश की राष्ट्रभाषा का सम्मान कर प्रण लें कि अपने कार्य हिंदी भाषा में करेंगे। इस अवसर पर भास्कर त्यागी एडवोकेट, सैयद आसिफ अली एडवोकेट, देवांग मिश्रा एडवोकेट, विवेक कुमार मिश्रा एडवोकेट, नवजोत सिंह एडवोकेट, अमृतपाल सिंह एडवोकेट, पंकज कश्यप एडवोकेट आदि उपस्थित रहे। गोष्ठी के उपरांत बच्चों को कॉपी पेंसिल वितरित की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *