काशीपुर। बदलते सामाजिक परिवेश में त्यौहारों का स्वरूप भी बदल रहा है। बात दशहरा यानि विजयदशमी पर्व की करें तो काशीपुर में इस दिन रावण और मेघनाद के पुतलों का दहन रामलीला मैदान में किया जाता था, और लोग मेले का लुत्फ उठाते थे। हालांकि, बच्चों के कानो़ में पटाखों की आवाज तो गूंजती थी लेकिन वह रावण का दहन होते देखने से वंचित रह जाते थे। अब दौर बदल गया है। रावण का दहन देखने से वंचित बच्चों ने अब स्वयं रावण के पुतले बनाकर उसका दहन करना शुरू कर दिया है। आज शहर में कई जगह रावण दहन बच्चों द्वारा किया जाता है और बड़े उसमें सहयोग करते हैं। वृहस्पतिवार सायं पायते वाली रामलीला के सामने स्थित निवास नगर में नन्हें-मुन्ने बच्चों ने खुद बनाये गये रावण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर जय श्री राम के नारे लगाए। इस दौरान रुद्राक्ष, पृथ्वी, यथार्थ, शिव, राघव, गौरव, आदि, आरहु, आदि बच्चे उपस्थित थे। उन्हें सहयोग करते परिवार जनों ने
प्रभु श्रीराम से बच्चों के जीवन में सुख समृद्धि और ख़ुशहाली बनाये रखने की कामना की।

सह संपादक मानव गरिमा
कार्यालय – वार्ड नंबर 17, हाउस नंबर 363, कानूनगोयान, काशीपुर
संपर्क – +91 99174 42518
अपने क्षेत्र के समाचारो को पढ़ने व अपने प्रतिष्ठान, दुकान आदि के सजावटी विज्ञापन छपवाने के लिए मानव गरिमा न्यूज़ पोर्टल व समाचार पत्र से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें-
