August 13, 2026
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काशीपुर। माता मंदिर रोड निवासी सरदार हरभजन सिंह का पार्थिव शरीर आज यहां श्मशान घाट पर पंचतत्व में विलीन कर‌ दिया गया। इससे पूर्व क्षेत्र भर के गणमान्य व्यक्तियों ने उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। श्री सिंह का बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया था। निधन के पश्चात उनके छोटे पुत्र सरदार हरजीत सिंह ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर समाज में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। अब सरदार जी की आंखों से दो लोग दुनिया देखेंगे। सरदार हरभजन सिंह के ब्रह्मलीन होने के समाचार पर बुधवार को वसुधैव कुटुम्बकम काशीपुर के दायित्वधारियों की देखरेख में मुरादाबाद से आई टीम ने कागजी औपचारिकता पूरी कर दान की गई आंखें (कॉर्निया) प्राप्त की।
इस नेत्रदान में वसुधैव कुटुम्बकम् के सदस्य अनुराग गोयल का विशेष सहयोग रहा।
संस्था के संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल ने बताया कि नेत्रदान से किसी प्रकार का अंग भंग नही होता। उन्होंने बताया कि नेत्रदान के लिए कोई उम्र की सीमा नहीं होती है। 1 साल के बच्चे से लेकर 90 वर्ष के बुजुर्ग तक का नेत्रदान हो सकता है। मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर), दमा (अस्थमा) या मोतियाबिंद (Cataract) का इलाज करवा चुके लोगों का भी नेत्रदान हो सकता है।
सदस्य अनुराग गोयल ने बताया कि मृत्यपरांत परिवारजन दोनों आखों पर रुई के गीले फाये रखकर सिर थोड़ा ऊंचा कर दें एवम पंखा बंद कर दें या चेहरे पर चादर ढककर आंखों को सीधी हवा से बचायें। आवश्यकतानुसार एसी चला सकते हैं। उन्होंने बताया कि नेत्रदान करवाने को नेत्रदान सहायता (24×7) 9837080678 या 9548799947 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है। संस्था के संरक्षक योगेश जिंदल, अध्यक्ष विकास जैन, सचिव प्रियांशु बंसल, कोषाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल, आशीष गुप्ता, अनुज सिंघल, अंकुर मित्तल, आशीष पैगिया, सीए सचिन अग्रवाल ने वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर के तत्वाधान में सम्पन्न हुए इस महान कार्य के प्रति नेत्रदानी परिवार का आभार व्यक्त किया और परम पिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की चिरशांति की प्रार्थना की । साथ ही क्षेत्र वासियों से मरणोपरांत नेत्रदान कराने में वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर को सहयोग का आग्रह किया।

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