काशीपुर। अधिवक्ता परिषद काशीपुर इकाई की ओर से अधिवक्ता परिषद स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को बार एसोसिएशन भवन, काशीपुर में “वकालत के पेशे में व्यावसायिक नैतिकता” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में अधिवक्ताओं ने विधि व्यवसाय की गरिमा, अधिवक्ताओं के व्यावसायिक आचरण, न्यायालय एवं मुवक्किल के प्रति दायित्व तथा अधिवक्ताओं की सामाजिक जिम्मेदारियों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के सदस्य हरि सिंह नेगी मुख्य वक्ता तथा बार एसोसिएशन काशीपुर के पूर्व अध्यक्ष अवधेश चौबे कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा पूर्व सचिव नृपेंद्र चौधरी एवं वर्तमान कोषाध्यक्ष बीसी नौटियाल वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।सभी वक्ताओं ने वकालत के पेशे में व्यावसायिक नैतिकता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि अधिवक्ता का दायित्व केवल अपने पक्षकार का प्रभावी प्रतिनिधित्व करना ही नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की गरिमा और विधि के शासन को मजबूत बनाए रखना भी है। हरि सिंह नेगी ने कहा कि अधिवक्ता न्यायिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग हैं। अधिवक्ताओं के आचरण और कार्यप्रणाली का सीधा प्रभाव न्याय व्यवस्था में आमजन के विश्वास पर पड़ता है। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से विधि व्यवसाय में निरंतर अध्ययन, अनुशासन, सत्यनिष्ठा एवं पेशेवर मर्यादाओं का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक सफलता के साथ अधिवक्ता के लिए अपनी नैतिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी उतना ही आवश्यक है। अवधेश चौबे ने कहा कि वकालत केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि न्याय और समाज के प्रति महत्वपूर्ण दायित्व वाला पेशा है। अधिवक्ताओं को न्यायालय की गरिमा, अपने मुवक्किल के हित तथा विधि के मूल सिद्धांतों के बीच संतुलन बनाकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा अधिवक्ताओं के बीच ऐसे विषयों पर नियमित संवाद और मार्गदर्शन की आवश्यकता है। अधिवक्ता परिषद काशीपुर के अध्यक्ष आनंद स्वरूप रस्तोगी ने कहा कि अधिवक्ता परिषद का उद्देश्य अधिवक्ताओं के हितों के साथ-साथ विधि व्यवसाय की गरिमा और सामाजिक दायित्वों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक नैतिकता पर सार्थक चर्चा समय की आवश्यकता है और परिषद भविष्य में भी अधिवक्ताओं के ज्ञानवर्धन एवं व्यावसायिक विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। वक्ता के रूप में उपस्थित नृपेंद्र चौधरी ने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इसलिए प्रत्येक अधिवक्ता का यह दायित्व है कि वह अपने पेशे की गरिमा, न्यायालय की मर्यादा और मुवक्किल के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। कार्यक्रम का संचालन कर रहे महामंत्री अभिताभ सक्सेना ने स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यावसायिक नैतिकता जैसे महत्वपूर्ण विषय को सुनने हेतु उपस्थित सभी अधिवक्ताओं को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भविष्य में भी इसी तरह ही उपयोगी संगोष्ठियों के आयोजन की रूपरेखा से सभी को अवगत कराया। संगोष्ठी में अधिवक्ता परिषद काशीपुर के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता करते हुए विषय पर अपने विचार रखे तथा अधिवक्ता समुदाय से विधि व्यवसाय की गरिमा को बनाए रखने और न्यायिक व्यवस्था के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। इस दौरान कोषाध्यक्ष समर्थ विक्रम सिंघल, मंत्री सुशील चौधरी, अनिल सहरावत, विष्णु भटनागर, संजय शर्मा, कश्मीर सिंह, अमित गुप्ता, अनिल शर्मा, सुरजीत चौधरी, नरेंद्र यादव, विवेक मिश्रा, बलवंत लाल,अनिल कुमार शर्मा, अस्तित्व रस्तोगी, जतिन यादव, प्रीति शर्मा, प्रीति कश्यप, रूपा माटा, अचल वर्मा आदि सहित वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे।

सह संपादक मानव गरिमा
कार्यालय – वार्ड नंबर 17, हाउस नंबर 363, कानूनगोयान, काशीपुर
संपर्क – +91 99174 42518
अपने क्षेत्र के समाचारो को पढ़ने व अपने प्रतिष्ठान, दुकान आदि के सजावटी विज्ञापन छपवाने के लिए मानव गरिमा न्यूज़ पोर्टल व समाचार पत्र से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें-
