September 7, 2026
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काशीपुर। पंजाबी समाज को लेकर आकांक्षा नेगी द्वारा दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर जहां एक तरफ पूरे प्रदेश में उत्तरांचल पंजाबी महासभा का विरोध नजर आ रहा है, वहीं उत्तरांचल पंजाबी महासभा की काशीपुर इकाई द्वारा भी जबर्दस्त दस्त रोष व्यक्त किया गया है। महासभा ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे समाज की भावनाओं को आहत करने वाला और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बताया है। तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महासभा अध्यक्ष संजय अरोरा ने कहा कि इतिहास को समझे बिना पंजाबी समाज पर टिप्पणी करने वालों को पहले देश के विभाजन की उस दर्दनाक कहानी को समझना चाहिए, जिसमें लाखों लोगों ने अपना घर, जमीन-जायदाद और कारोबार तक छोड़ दिया, लेकिन अपने देश को नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि “बंटवारे से पहले पूरा हिंदुस्तान एक था। हम पाकिस्तानी नहीं थे, हम हिंदुस्तानी थे और आज भी हिंदुस्तानी हैं।” तत्कालीन परिस्थितियों में पंजाब का विभाजन हुआ और लाखों पंजाबी परिवारों को अपना सब कुछ पीछे छोड़कर भारत आना पड़ा। उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने अपनी संपत्ति और व्यापार गंवाया, लेकिन भारत को अपना वतन चुनने में कभी पीछे नहीं हटे। संजय अरोरा ने कहा कि विभाजन का दर्द झेलकर भारत में बसने वाले पंजाबी समाज ने संघर्ष किया। मेहनत की और देश के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऐसे समाज के प्रति विद्वेषपूर्ण या आपत्तिजनक टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि काशीपुर हमेशा से भाईचारे और आपसी सौहार्द की मिसाल रहा है। कुछ संकीर्ण मानसिकता वाले लोग अपने बयानों के जरिये समाज को बांटने और आपसी सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महासभा अध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले का संज्ञान लेकर समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज शांतिप्रिय है, लेकिन अपनी अस्मिता, सम्मान और इतिहास के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। पंजाबी समाज ने देश के बंटवारे में अपना बहुत कुछ खोया है, लेकिन देश के प्रति अपना विश्वास कभी नहीं खोया। इसलिए इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने के बजाय पंजाबियों के त्याग और बलिदान का सम्मान किया जाना चाहिए।

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