October 27, 2026
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काशीपुर। काशीपुर को जिला बनाने की मांग आज भी अधूरी है। बदहाल रोडवेज बस अड्डे का अपेक्षित सौंदर्यीकरण नहीं हुआ, प्रिया मॉल के निकट रेलवे फाटक पर अंडरपास की मांग पूरी नहीं हुई और कई सड़कों पर गड्ढों की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। इन मुद्दों को उठाते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सचिव डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय ने विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और उनके पिता के लंबे राजनीतिक कार्यकाल पर सवाल खड़े किए हैं। डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय ने कहा कि काशीपुर की जनता यह जानना चाहती है कि लगभग 25 वर्षों के राजनीतिक कार्यकाल में क्षेत्र को शिक्षा के क्षेत्र में कौन-सी बड़ी सौगात मिली। उन्होंने कहा कि शहर की बुनियादी समस्याओं का समाधान और विकास कार्यों का स्पष्ट विवरण जनता के सामने आना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पंडित नारायण दत्त तिवारी, विकास पुरुष के रूप में पहचाने जाने वाले स्व. सत्येंद्र चंद्र गुड़िया और पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके समय में हुए विकास कार्यों की छाप आज भी काशीपुर में दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि स्व. पं. सत्येंद्र चंद्र गुड़िया को काशीपुर क्षेत्र के सबसे बड़े विकास पुरुष के रूप में जनता आज भी याद करती है। जब पं. नारायण दत्त तिवारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे, तब सत्येंद्र चंद्र गुड़िया को ‘सेमी चीफ मिनिस्टर’ कहा जाता था और उस समय काशीपुर में उनका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता था। उनके अनुसार, शिक्षा के क्षेत्र में गुड़िया जी का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उदयराज हिंदू इंटर कॉलेज और जीबी पंत इंटर कॉलेज के विकास, चंद्रावती तिवारी कन्या महाविद्यालय की स्थापना तथा बाजपुर रोड स्थित एससी गुड़िया आईएमटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड लॉ कॉलेज की स्थापना को उन्होंने क्षेत्र के प्रमुख शैक्षिक कार्यों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आज भी क्षेत्र में प्रबंधन और विधि शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित माना जाता है। डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय ने कहा कि स्थानीय लोग आज भी काशीपुर के विकास में पं. एनडी तिवारी और पंं. सत्येंद्र गुड़िया के योगदान को अविस्मरणीय मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व के कार्यकाल में शहर की मूलभूत समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि राजनीति में केवल एक-दूसरे पर आरोप लगाने से जनता की समस्याएं हल नहीं होंगी, बल्कि विकास कार्यों का हिसाब देना भी जरूरी है। डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय ने कहा कि अब जबकि भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है, ऐसे में काशीपुर की जनता की निगाहें विधायक त्रिलोक सिंह चीमा पर टिकी हैं। जनता जानना चाहती है कि विधायक इस सत्र में काशीपुर के विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों को कितनी मजबूती से उठाएंगे? क्या काशीपुर को जिला बनाने, रोडवेज बस अड्डे के सुधार, प्रिया मॉल के निकट रेलवे फाटक पर अंडरपास, गड्ढामुक्त सड़कों और शिक्षा सुविधाओं के विस्तार जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा? उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र जनसमस्याओं को सदन में उठाने का महत्वपूर्ण अवसर है। काशीपुर की जनता यह देखना चाहती है कि उसके विधायक क्षेत्र के विकास के लिए कितनी आवाज उठाते हैं और इन समस्याओं के समाधान की दिशा में क्या ठोस पहल करते हैं?

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