May 20, 2026
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काशीपुर। कुमायूँ गढ़वाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (केजीसीसीआई) के अध्यक्ष पवन अग्रवाल द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के सभी उद्यमियों एवं उद्योग प्रबन्धकों से अपील की गयी है कि जैसा कि वर्तमान में उत्तराखण्ड के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कामगारों के मध्य न्यूनतम वेतन को लेकर कुछ भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। बाहरी तत्वों द्वारा यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम वेतनमान 20 हजार रुपये कर दिया गया है, जिसे उद्योग लागू नहीं कर रहे हैं।
इस संवेदनशील मोड़ पर हमारा उत्तरदायित्व है कि हम अपने कामगारों को सच्चाई से अवगत कराएं, उनके साथ सीधा संवाद स्थापित करें और किसी भी प्रकार के बाहरी बहकावे से उन्हें बचाएं।                वस्तुस्थिति और आधिकारिक स्थिति :

उनके द्वारा अवगत कराया गया कि केंद्र या राज्य सरकार द्वारा ऐसा कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है जिसमें न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये निर्धारित किया गया हो, यह पूरी तरह से एक अफवाह है।

प्रशासन एवं श्रम विभाग का रुख :

श्रम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा भी विभिन्न स्तरों पर लगातार यह स्पष्ट किया जा चुका है कि श्रमिकों में फैलाई जा रही यह सूचना निराधार है।

लेबर कमिश्नर का वीडियो :

भ्रांतियों को दूर करने के लिए लेबर कमिश्नर (श्रम आयुक्त) द्वारा एक आधिकारिक वीडियो क्लिप जारी की गई है। यह वीडियो कामगारों के संशय को दूर करने में अत्यन्त प्रभावी है।
केजीसीसीआई पवन अग्रवाल द्वारा सभी उद्यमियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से अपील की गयी है कि, यह सुनिश्चित करें कि राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में जो भी न्यूनतम वेतनमान (Minimum Wage) निर्धारित है, उसका भुगतान सभी श्रमिकों को पूरी पारदर्शिता के साथ और समय पर किया जाए। अपनी इकाइयों में कार्यरत कामगारों, सुपरवाइजरों और श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करें। उन्हें विश्वास में लें और बताएं कि उद्योग हमेशा उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। केजीसीसीआई अध्यक्ष द्वारा सभी उद्यमियों से अनुरोध किया गया है कि लेबर कमिश्नर द्वारा जारी वीडियो क्लिप को अपनी फैक्ट्रियों के श्रमिकों को दिखाएं तथा इसे श्रमिकों के व्हाट्सएप ग्रुपों में भी अधिक से अधिक प्रसारित करें। कामगारों को समझाएं कि वे किसी भी बाहरी और गैर-सत्यापित व्यक्ति या संगठन के बहकावे में न आएं, जो उनका निजी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
अपने संदेश में श्री अग्रवाल ने कहा कि, हमारे कामगार हमारी रीढ़ हैं। इस संवेदनशील समय में हमारा धैर्य, श्रमिकों के प्रति सहानुभूति और सही जानकारी का प्रसार ही औद्योगिक शांति को बनाए रख सकता है। आइए मिलकर एक सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करें।

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