काशीपुर। स्वास्थ्य मंत्री का पीए बताकर नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे ऐंठने के मामले में पूर्व प्रधान व उसकी पत्नि को अदालत ने बरी कर दिया है। जसपुर निवासी शैलेन्द्र कुमार के द्वारा वर्ष 2007 में थाना काशीपुर में रिपोर्ट दर्ज कराकर कहा गया कि मथुरी लाल गौतम व सपना गौतम निवासी ग्राम फिरोजपुर ने नौकरी लगवाने के नाम पर उससे रुपये लिये, लेकिन उसकी नौकरी नहीं लगवायी और पैसा वापस मांगने पर हरिजन एक्ट में बन्द कराने की धमकी दी। इसके बाद पुलिस ने एफआर लगा दी और मामला परिवाद के रूप में न्यायालय काशीपुर में चला। शैलेन्द्र कुमार की ओर से स्वयं व अपनी पत्नि और अपनी सास को परीक्षित कराया गया, परन्तु जब इस मामले में मथुरी लाल व सपना गौतम के अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल, मुनिदेव विश्नोई व भारत भूषण ने बहस कर कहा कि इस मामले में कोई भी वीडियों व ऑडियो रिकॉर्डिंग नहीं है और न ही नौकरी लगवाने का कोई दस्तावेज है।शैलेन्द्र कुमार के द्वारा यह कहा गया कि रकम सोना गिरवी रखकर दी गयी थी, परन्तु इस सम्बन्ध में सुनार का कोई भी गिरवीनामा प्रस्तुत नहीं किया गया है, जो कि मामले को साबित कर सके। केवल कह देने भर से रकम ठगने वाली बात साबित नहीं होती है। अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल, मुनिदेव विश्नोई और भारत भूषण की बहस व तर्कों से संतुष्ट होकर न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट/प्रथम अपर सिविल जज (जू.डि.) काशीपुर ने मथुरी लाल गौतम व सपना गौतम को बरी कर दिया।

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