March 6, 2026
Screenshot_2026-02-22-11-40-45-13

काशीपुर। चैक बाउंस मामले में अदालत ने 2,65,000 रुपये का जुर्माना व छः माह कारावास की सजा सुनाई है। मौहल्ला सिंघान, काशीपुर निवासी निर्दोष अग्रवाल ने न्यायालय में वाद दायर कर कहा कि विमलेश सारस्वत पत्नि विनय सारस्वत, निवासी मौहल्ला सिंघान, काशीपुर ने पारिवारिक संबंधों के चलते कई वर्ष पहले मुझसे 5 लाख रुपये उधार लिये थे। काफी तकादा किया करने पर 15 अक्टूबर 2019 को उन्होंने ढाई लाख रुपये का चैक दिया, जो कि बाउंस हो गया। चैक बाउंस होने के बाद निर्दोष अग्रवाल ने अपने अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल, मुनिदेव विश्नोई व भारत भूषण के माध्यम से न्यायालय में मुकदमा दायर किया। मुकदमे के दौरान विमलेश सारस्वत ने कहा कि न तो उसने कोई पैसा लिया और न ही उसने कोई चैक दिया, परन्तु वह यह बताने में असमर्थ रही कि उसका चैक निर्दोष अग्रवाल तक कैसे पहुंचा, जबकि चैकों पर हस्ताक्षर माने हैं। इसके पश्चात् निर्दोष अग्रवाल के अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल, मुनिदेव विश्नोई व भारत भूषण ने कई नजीरें भी पेश कीं। जिस पर अदालत में बहस व सुनवाई की गयी। बहस व तर्कों से संतुष्ट होकर न्यायालय द्वितीय अपर सिविल जज (जू.डि.)/न्यायिक मजिस्ट्रेट काशीपुर ने विमलेश सारस्वत को मुबलिग 2 लाख 65 हजार रुपये का जुर्माना तथा छः माह के कारावास की सजा सुनाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *