काशीपुर। 20 लाख रुपये के चैक बाउंस की अभियुक्त को अपीलीय न्यायालय ने बरी कर दिया है। तनु थापा पत्नि किशन लाल थापा, निवासी कुमाऊं कालोनी, कचनालगाजी काशीपुर ने न्यायिक मजिस्ट्रेट, काशीपुर के यहां वर्ष 2020 में वाद दायर कर कहा कि दीपा राणा पत्नि छतर सिंह राणा निवासी कुमाऊं कालोनी, काशीपुर के द्वारा 20 लाख रुपये उससे उधार लिये गये थे और जिसे चुकाने के बदले दीपा राणा ने 20 लाख रुपये का चैक दिया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट/ तृतीय अपर सिविल जज, काशीपुर के द्वारा दीपा राणा को तीन माह का कारावास व 20 लाख 50 हजार रुपये अर्थदण्ड का आदेश पारित किया था। इस आदेश के खिलाफ दीपा राणा ने अपने अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल के माध्यम से एक अपील न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, काशीपुर के यहां दायर की, जिसमें दीपा राणा के अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल के द्वारा कहा गया कि तनु थापा ने अपने बयानों में कहा है कि वह केवल 20-25 हजार रुपये प्रतिमाह कमाती है और 3,500 रुपये प्रतिमाह किराये में खर्च करती है, तो ऐसी स्थिति में केवल 20-25 हजार रुपये प्रतिमाह कमाने वाला व्यक्ति 20 लाख रुपये कैसे उधार दे सकता है, जबकि उसकी हैसियत इतनी नहीं है। इसके अलावा यह रकम किसी इन्कम टैक्स रिटर्न में भी नहीं दिखायी गयी। अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल की बहस व तर्कों से संतुष्ट होकर न्यायालय प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश, काशीपुर द्वारा दीपा राणा को न्यायिक मजिस्ट्रेट, काशीपुर द्वारा चैक बाउंस में दी गयी सजा को समाप्त कर दीपा राणा को बरी कर दोषमुक्त किया गया तथा जो अर्थदण्ड दीपा राणा द्वारा कोर्ट में जमा किया गया है, उसे वापस करने का आदेश पारित किया गया।

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