August 1, 2026
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काशीपुर। काशीपुर बार एसोसिएशन सचिव व अन्य अधिवक्ताओं के खिलाफ एक अधिवक्ता से मारपीट, धमकी और आपराधिक कृत्य के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जसपुर निवासी अधिवक्ता हरगोविंद सिंह की तहरीर पर कोतवाली आईटीआई पुलिस ने बार एसोसिएशन सचिव यशवंत चौहान, अंकित त्यागी व अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 351(3) और 352 के तहत केस दर्ज किया है। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि 1 जुलाई 2026 को एसडीएम न्यायालय परिसर में पहले उनके भाई अधिवक्ता धर्मेंद्र के साथ विवाद हुआ। इसके बाद जब हरगोविंद सिंह अपने चैंबर पहुंचे तो आरोपियों ने कथित रूप से उन पर हेलमेट और लात-घूंसों से हमला कर दिया। आरोप है कि मारपीट के दौरान उनकी मोटर साइकिल की चाबी छीन ली गई, वाहन को क्षतिग्रस्त किया गया तथा गले की चेन भी छीन ली गई। पीड़ित ने घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पर दी और बाद में सरकारी अस्पताल में उपचार कराया। हरगोविंद सिंह ने अपनी तहरीर में यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें और उनके भाई को जान से मारने तथा वकालत नहीं करने देने की धमकी दी गई। उन्होंने पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं। कोतवाली आईटीआई पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। उधर, केस को झूठा बताते हुए अधिवक्ताओं ने आज कार्य का बहिष्कार किया और काशीपुर बार एसोसिएशन अध्यक्ष गिरिजेश खुल्वे की अध्यक्षता में आम सभा का आयोजन किया। आम सभा में अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस प्रशासन अधिवक्ताओं से पता नहीं क्यों बैर रखता है, जबकि अधिवक्ता ही पुलिस पर आने वाली आपत्तियों का निवारण करते हैं । रोषित अधिवक्ताओं ने यहां तक मांग कर डाली कि अगर सचिव यशवंत सिंह चौहान के खिलाफ दर्ज केस तुरंत केंसिल नहीं किया गया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन होगा और इस षड्यंत्र में जो भी पुलिस प्रशासन के लोग शामिल है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। एसोसिएशन अध्यक्ष गिरिजेश खुल्वे ने कहा कि बार एसोसिएशन के सचिव यशवंत चौहान ने विगत दिनों संजय चौधरी, हरगोविंद सिंह व धर्मेंद्र के खिलाफ गंभीर चोट पहुंचाने के संबंध में कोतवाली आईटीआई में एफआईआर दर्ज कराई थी परंतु अभी तक न तो कोई गिरफ्तारी हुई और न ही अन्य कोई कानूनी कार्रवाई हुई। इसके उलट सचिव यशवंत सिंह चौहान के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि रिपोर्ट रद्द नहीं हुई तो अधिवक्ता समाज विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर प्रदेश व्यापी आंदोलन करेगा। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार मिश्रा, अनिल सहरावत एडवोकेट, आलोक माथुर एडवोकेट, पराग नेगी एडवोकेट, इंदर सिंह एडवोकेट, बलवंत सिंह एडवोकेट, उमेश जोशी एडवोकेट, शहाना एडवोकेट, अरविंद सिंह एडवोकेट आदि ने अपने विचार रखे।

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