September 17, 2026
Screenshot_2026-08-07-11-20-23-92

काशीपुर। चैक बाउंस के मामले में अदालत ने अभियुक्त को 3 लाख रुपये के चैक के एवज़ मे 3 लाख 25 हजार के प्रतिकर तथा 6 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। प्रतिकर मे धनराशि में 3 लाख 15 हजार रुपये पारिवादी को देने होगे तथा 10 हजार रुपये राजकीय कोष में जमा करने के आदेश दिये हैं। मोहल्ला महेशपुरा, काशीपुर निवासी कोमल पत्नी हिमांशु ने काशीपुर अदालत में अपने अधिवक्ता सूरज कुमार के माध्यम से अदालत में मुकदमा दायर कर बताया कि संजय कुमार पुत्र महेंद्र सिंह निवासी मोहल्ला आर्यनगर भवन गली नंबर 2 इंदिरा कॉलोनी नाईपूरा लोनी जिला गाजियाबाद उत्तर प्रदेश ने अपनी निजी जरूरत बताकर परिवादी से 3 लाख रुपये वर्ष 2022 में उधार लिए थे तथा जुलाई 2022 में रुपये वापस करने का वायदा किया था। इसके पश्चात जुलाई 2022 में परिवादी ने संजय कुमार से संपर्क कर अपने द्वारा दी गई उधार दी गयी धनराशि वापस मांगी तो उसने एक चेक अपने बैंक भारतीय स्टेट बैंक शाखा बलराम नगर लोनी गाजियाबाद का दिया और विश्वास दिलाया कि उक्त चैक को बैंक में लगाने पर उसमे वर्णित धनराशि का भुगतान प्राप्त हो जाएगा। परिवादी ने संजय कुमार के कहे अनुसार 12 जुलाई 2022 को उक्त चैक को भुगतान हेतु अपने बैंक पंजाब नेशनल बैंक शाखा माता मंदिर रोड काशीपुर में प्रस्तुत किया जो कि 17 अगस्त 2022 को फंड इंसफिशिएंट की टिप्पणी के साथ अनाद्रित होकर बिना भुगतान के परिवादी को वापस प्राप्त हो गया। इसके बाद परिवादी ने अपने अधिवक्ता सूरज कुमार के माध्यम से 30 अगस्त 2022 को एक डिमांड नोटिस डाक से संजय कुमार के सही व वास्तविक पते पर भेजा जिसके मिलने के पश्चात संजय कुमार ने गलत तथ्यों पर उक्त नोटिस का जवाब प्रेषित कराया लेकिन उसने पैसे का भुगतान नहीं किया। इसके पश्चात परिवादी ने अपने अधिवक्ता सूरज कुमार के माध्यम से काशीपुर अदालत में 138 एनआई एक्ट का परिवाद दायर किया जिसमें न्यायालय द्वारा अभियुक्त को तलब किया गया तथा अभियुक्त न्यायालय में अपनी जमानत कराई और जमानत के बाद में संपूर्ण विचारण न्यायालय में हुआ तथा गवाहो की गवाही भी करायी गयी। इसके पश्चात न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनी और परिवादी के अधिवक्ता सूरज कुमार की बहस से संतुष्ट होकर एवं संपूर्ण पत्रावली का अवलोकन कर अभियुक्त संजय कुमार दोषसिद्ध कर दिया तथा परिवादी के 3 लाख रुपये के चैक के बदले में 3 लाख 25 हजार रुपये के प्रतिकर आदेश किया जिसमे 3 लाख 15 हजार रुपये परिवादी को अदा करने होंगे तथा 10 हजार रुपये राजकीय कोष में जमा करने होंगे एवं 6 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई तथा प्रतिकर जमा न करने की दशा में एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *