October 16, 2026
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काशीपुर। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर महिला सशक्तिकरण के दावों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की बात करती है, लेकिन महिलाओं से जुड़े गंभीर मामलों पर सरकार को अपनी जवाबदेही स्पष्ट करनी चाहिए। डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या से संबंधित वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकरण को लेकर सामने आए घटनाक्रम पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि क्या यही महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है? महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी से सरकार बच नहीं सकती। महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारों से नहीं, बल्कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और न्याय दिलाने से साबित होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावों और जमीनी स्थिति के बीच कितना अंतर है। महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस नेत्री ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस मामले में न्याय और जवाबदेही से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड पर भाजपा की खामोशी और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवालों पर सरकार का रवैया जनता के बीच गंभीर सवाल खड़े करता है? महिलाओं को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। जनता के सवालों का जवाब देना होगा। डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के सवालों का जवाब देना और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के दावों की वास्तविक कसौटी महिलाओं को सुरक्षित वातावरण, समान अधिकार और न्याय उपलब्ध कराना है।

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