September 10, 2026

काशीपुर। एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध अवस्था में पड़ा पाया गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। उधर, मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए एक निजी अस्पताल संचालक के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंपी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। टाण्डा उज्जैन पुलिस चौकी क्षेत्रांतर्गत दढ़ियाल रोड स्थित विकास नगर निवासी राहुल कुमार पुत्र स्व. सोहन लाल ने पुलिस को सौंपी तहरीर में कहा कि वह मुरादाबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ईएसआई विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। उसका भाई विक्की कुमार भी उक्त अस्पताल में पिछले लगभग दो वर्ष से अधिक समय से कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रहा था और वर्तमान में 30 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन प्राप्त कर रहा था। तहरीर में राहुल ने कहा कि उक्त अस्पताल के संचालक द्वारा पिछले लगभग एक वर्ष का वेतन का भुगतान मुझे नहीं किया गया था। मेरे भाई ने उक्त संचालक से कई बार वेतन देने के लिए कहा परन्तु वह कोई न कोई बहाना बनाकर टालता रहा। कई बार मेरे भाई ने मेरे सामने भी अस्पताल संचालक को व्यक्तिगत रूप से तथा फोन कर अपने वेतन का भुगतान करने के लिए कहा परन्तु अस्पताल संचालक द्वारा भुगतान करने के लिए कोई न कोई बहाना बनाकर टाल दिया जाता। बुधवार, 30 अप्रैल को हर रोज की तरह मेरा भाई सुबह 10:00 बजे अस्पताल में ड्यूटी करने गया। मेरे भाई ने अस्पताल संचालक से अपने वेतन की मांग की तो वह बोला कि मैं दो बजे के बाद वेतन का भुगतान कर दूंगा। मेरा भाई चार बजे तक इंतजार करता रहा लेकिन संचालक अस्पताल नहीं आया और न ही मेरे भाई का फोन रिसीव किया। मेरा भाई 4 बजे के बाद घर आया तो बताया कि अस्पताल संचालक के द्वारा आज भी टालमटोल कर दिया गया। जिस कारण मैं अभी घर वापिस आ गया हूं और शाम को फिर से अस्पताल संचालक के पास जाऊंगा और अपना वेतन लेकर आऊंगा। मेरा भाई शाम 6 बजे अस्पताल संचालक से मिलने अस्पताल चला गया और फिर देर रात तक घर नहीं लौटा। जल्दबाजी में मोबाईल घर पर ही भूल जाने से उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। रात करीब बारह बजे मेरे पास सरकारी अस्पताल से फोन आया और मेरे व्हाट्सएप पर एक फोटो भेजी गई। उक्त फोटो की पहचान कर मैं तुरन्त अपनी पत्नि को लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचा, और वहां भाई को मृत पाया। उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। राहुल के मुताबिक, सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे बताया कि आपके भाई की बॉडी रेलवे ट्रैक पर मिली है। तहरीर में राहुल ने कहा कि उसे शक है कि अस्पताल संचालक ने मेरे भाई को अपने साथियों के साथ मिलकर वेतन की धनराशि न देने की नियत से मार कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया जिससे यह हत्या दुर्घटना प्रतीत हो। राहुल का कहना है कि उक्त संचालक ने मेरा व अन्य कई कर्मचारियों का वेतन भी नहीं दिया है।‌ वह अक्सर स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार करता है। राहुल ने पुलिस से कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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