April 27, 2026
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काशीपुर। धर्मयात्रा महासंघ महानगर काशीपुर द्वारा देश में गौमाता एवं गोवंश पर बढ़ती क्रूरता की रोकथाम के सम्बन्ध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह को सौंपा गया है। ज्ञापन में राष्ट्रपति से आग्रह किया गया है कि गौमाता को राष्ट्रदेव, राष्ट्र आराध्या, राष्ट्र धरोहर अथवा राष्ट्र आधार का सम्मानित पद प्रदान किया जाये। गो सेवा हेतु केंद्रीय कानून बने, जिससे संपूर्ण भारतवर्ष में समान रूप से गो सेवा हो सके। भारत में गो हत्या पूरी तरह समाप्त हो। गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबन्ध सम्बन्धी कठोर कानून बनाया जाये। गोबर, गोमूत्र को लेकर बृहद अनुसंधान केन्द्र कृषि विश्वविद्यालयों में बने जिससे गोबर, गोमूत्र का कृषि और अन्य उपयोग में महत्व बढ़े।
गो माता का दूध, दही, घी, गोबर, गोमूत्र को बढ़ावा मिले, उस संदर्भ में शासन उचित नीतियां बनाए। आयुर्वेदिक चिकित्सालय में पंचगव्य औषधियों का निःशुल्क वितरण किया जाए। गोबर गोमूत्र से जुड़े उद्यमियों को प्रेरित करें किसी भी फैक्ट्री वाले को जमीन देने से पहले यह तय करें, कि उनको गो सेवा से जुड़ा हुआ कोई एक कार्य साथ-साथ करना होगा। भारत के प्रत्येक प्रांत में कम से कम एक-एक गो अभ्यारण्य उपयुक्त वन भूमि या गोचर भूमि पर खोला जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत पर निराश्रित नर गोवंश के लिए नंदीशाला की स्थापना हो। सम्पूर्ण देश में गोवंश के आधार पर गौशालाओं को एक निश्चित बिजली यूनिट निःशुल्क आवंटित हो अथवा बिजली बिल में एक निश्चित प्रतिशत छूट मिले। महानगरों में बड़े आवासीय क्षेत्र में गौशाला स्थापित करने हेतु बिल्डर को पृथक स्थान छोड़ने के निर्देश जारी किए जाएं, ताकि वहां रहने वाले गोप्रेमियों को गो दर्शन और गो ग्रास का लाभ प्राप्त हो एवं निराश्रित गोवंश को आश्रय प्राप्त हो सके। गोवंश की मृतदेह का उचित अंतिम संस्कार हो सके, ऐसा स्थान सरकार उपलब्ध कराएं और अंतिम संस्कार (समाधि) की उचित व्यवस्था हो सके, ताकि गोमाता की मृत देह का अपमान न हो। गो हत्याओं एवं गो तस्करी में लिप्त अपराधियों के लिए आजीवन कठोर कारावास जैसी सजा का प्रावधान हो। गो हत्यारों में उपयोग होने वाले वाहनों की जब्ती होने पर जमानत न हो व सदा-सदा के लिये राजसाथ हो और उन्हें नीलाम किया जाए अथवा गौशालाओं को उपयोग हेतु सौंप दिया जाए। जिला स्तर पर पृथक से पंचगव्य चिकित्सालयों की स्थापना हो। संस्कृत महाविद्यालयों में गौसेवा प्रकल्प अनिवार्य किये जायें। ज्ञापन सौंपने वालों में पं. राघवेन्द्र नागर, अशोक कुमार धीमान, डा. महेश अग्निहोत्री, राजेंद्र प्रसाद राय, मदन मोहन गोले, चन्द्रभान सिंह, अश्वनी शर्मा, कृष्ण कुमार अग्रवाल एडवोकेट, विपिन कुमार अग्रवाल एडवोकेट, सुभाष चन्द्र शर्मा, महीपाल सिंह चौहान, रमन बिहारी दास, धर्मेन्द्र तुली एडवोकेट, वीरेन्द्र कुमार चौहान एडवोकेट आदि थे।

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