काशीपुर। आयकर विभाग, टीडीएस काशीपुर द्वारा होटल अनन्या रीजेंसी, काशीपुर में “नए आयकर अधिनियम, 2025 में टीडीएस प्रावधानों में हुए परिवर्तनों” विषय पर एक जागरूकता (Outreach) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर कटौतीकर्ताओं (Deductors), चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कर सलाहकारों, विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा करदाताओं को नए आयकर अधिनियम, 2025 के अंतर्गत टीडीएस संबंधी नवीन प्रावधानों से अवगत कराना तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती अपर्णा करण, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर प्रदेश (पश्चिम) एवं उत्तराखण्ड रहीं। कार्यक्रम में संजय कुमार यादव, आयकर आयुक्त (टीडीएस), अमरपाल सिंह, अपर आयकर आयुक्त (टीडीएस) देहरादून, राजेश पटवाल, उप आयकर आयुक्त (टीडीएस), वीरेन्द्र कुमार, आयकर अधिकारी (I&CI) देहरादून, राहुल कुमार आयकर अधिकारी, संदीप चतुर्वेदी आयकर अधिकारी तथा विजय कुमार ढौंडियाल आयकर अधिकारी (टीडीएस), काशीपुर सहित विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान अपने संबोधन में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त श्रीमती अपर्णा करण ने कहा कि नए आयकर अधिनियम, 2025 का प्रमुख उद्देश्य कर कानूनों का सरलीकरण करना तथा अनावश्यक जटिलताओं को समाप्त करना है। उन्होंने बताया कि अधिनियम को अधिक स्पष्ट, सरल एवं करदाता-अनुकूल बनाने का प्रयास किया गया है, जिससे कर अनुपालन को सहज बनाया जा सके तथा करदाताओं तथा और कर प्रशासन के मध्य पारदर्शिता एवं विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने विशेष रूप से टीडीएस (Tax Deducted at Source) एवं टीसीएस (Tax Collected at Source) के प्रभावी अनुपालन पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत टीडीएस अनुपालन सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी कर कटौतीकर्ताओं से समय पर कर की कटौती, निर्धारित अवधि में उसका जमा तथा संबंधित विवरणियां समयबद्ध रूप से दाखिल करने का आह्वान किया, जिससे कर संग्रहण को सुदृढ़ किया जा सके तथा राष्ट्र के विकास में करदाताओं की सहभागिता और अधिक प्रभावी बन सके। तकनीकी सत्र में विभाग के अधिकारियों द्वारा नए आयकर अधिनियम, 2025 के अंतर्गत टीडीएस प्रावधानों में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों, अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं, विवरणियां दाखिल करने की प्रक्रिया तथा व्यवहारिक समस्याओं के समाधान पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। साथ ही वीरेंद्र कुमार आयकर अधिकारी (I&CI) देहरादून ने प्रतिभागियों को वित्तीय लेन-देन विवरण (Statement of Financial) दाखिल करने संबंधी प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आधुनिक, पारदर्शी एवं गैर-हस्तक्षेपी (Non-Intrusive) कर प्रशासन की व्यवस्था में एसएफटी की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा इसकी समयबद्ध एवं सही रिपोर्टिंग कर अनुपालन को अधिक प्रभावी बनाती है। कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कर सलाहकारों, बैंक अधिकारियों, उद्योग एवं व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों, सरकारी एवं निजी संस्थानों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में कर कटौतीकर्ताओं एवं करदाताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं समयानुकूल बताते हुए इसकी सराहना की।व तथा भविष्य में भी ऐसे जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयकर विभाग ने सभी करदाताओं एवं कर कटौतीकर्ताओं से नए आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों का पूर्ण, सही एवं समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

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