September 27, 2026
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काशीपुर। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं अधिवक्ता हरीश कुमार सिंह ने उत्तराखंड में बढ़ती बेरोजगारी और पलायन को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड गठन के पीछे रोजगार और विकास की जो प्रमुख उम्मीदें थीं, वे आज कमजोर होती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने सरकार से प्रदेश में औद्योगिकीकरण को गति देने तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की मांग उठाई है। एडवोकेट सिंह ने कहा कि एक समय पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में औद्योगिक विकास को गति मिली थी। काशीपुर, रुद्रपुर, हरिद्वार सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में तेजी से उद्योग स्थापित हुए। इससे स्थानीय युवाओं के साथ ही दूसरे प्रदेशों के युवाओं को भी उत्तराखंड में रोजगार के अवसर मिले और बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में प्रदेश में आने लगे।।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। उनके अनुसार नए उद्योग स्थापित होना तो दूर, कई पुराने उद्योग भी बंद हो चुके हैं। इसका सीधा असर रोजगार के अवसरों पर पड़ा है। बड़ी संख्या में युवा बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं और नए युवाओं के लिए रोजगार प्राप्त करना लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। हरीश कुमार सिंह ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान पहाड़ों से रोजगार के अभाव में होने वाले पलायन को राज्य निर्माण के प्रमुख कारणों में गिना जाता था। उस समय प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में रोजगार के अपेक्षाकृत बेहतर अवसर उपलब्ध थे और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के युवा भी यहां नौकरी की तलाश में आते थे। लेकिन अब रोजगार के सीमित होते अवसरों के कारण मैदानी क्षेत्रों से भी युवाओं का पलायन चिंता का विषय बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि रोजगार और उद्योगों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उत्तराखंड में युवाओं की संख्या लगातार कम होती जाएगी। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति प्रदेश को धीरे-धीरे बुजुर्ग आबादी वाले राज्य की ओर ले जा सकती है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने सभी राजनीतिक दलों, विशेषकर सत्तारूढ़ दल से अपील की कि वे जाति और धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश के आर्थिक विकास और रोजगार के मुद्दे पर गंभीरता से काम करें। उन्होंने कहा कि सरकार को उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने, बंद पड़े उद्योगों को पुनर्जीवित करने और नए उद्योगों को प्रदेश में आकर्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि औद्योगीकरण बढ़ने से न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि प्रदेश सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी। इससे प्रदेश के विकास को गति मिलने के साथ ही रोजगार के लिए युवाओं का पलायन रोकने में मदद मिल सकती है। हरीश कुमार सिंह ने कहा कि उत्तराखंड का निर्माण जिस उद्देश्य और उम्मीद के साथ किया गया था, उसे सार्थक बनाने के लिए रोजगार, उद्योग और पलायन जैसे बुनियादी मुद्दों को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने सरकार से प्रदेश में औद्योगिक विकास की ठोस नीति बनाकर उसके प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की है।

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