March 6, 2026
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काशीपुर। चार दिन पहले पूर्व सहकारिता मंत्री स्व. चौधरी समरपाल सिंह की कांग्रेस नवचेतना भवन से हटाई गई तस्वीर को लेकर मचे विवाद के बीच महानगर कांग्रेस कमेटी, काशीपुर के अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन ने पूर्व मेयर प्रत्याशी संदीप सहगल के उस बयान का खंडन किया है जिसमें उन्होंने कहा कि तस्वीर हटाने का निर्णय कांग्रेसियों का सामूहिक था। मीडिया को जारी बयान में मुशर्रफ हुसैन ने कहा कि 2 अक्टूबर को नवचेतना भवन में आयोजित गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर पूर्व मेयर प्रत्याशी संदीप सहगल के द्वारा पूर्व सहकारिता मंत्री स्व. चौधरी समरपाल सिंह की तस्वीर को हटाने को लेकर व्यक्तिगत रूप से कड़ी नाराजगी और आक्रोश व्यक्त किया गया था। उपस्थित कार्यकर्ताओं के सामने उन्होंने कहा था कि इनका पूरा परिवार भाजपा में है तो उनकी तस्वीर यहां पर क्यों है? मुशर्रफ हुसैन ने बताया कि कांग्रेस भवन एक ट्रस्ट की संपत्ति है, जिसमें लगाई गई प्रतिमाओं और तस्वीर का अधिकार उस ट्रस्ट के अधीन है कि किस नेता की प्रतिमा या तस्वीर वहां लगेगी या नहीं लगेगी। महानगर अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन ने संदीप सहगल के उस बयान का खंडन करते हुए कहा जिसमें उन्होंने कहा है कि तस्वीर हटाने का निर्णय कार्यकर्ताओं का सामूहिक था, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य व प्रदेश महासचिव अनुपम शर्मा, पीसीसी सदस्य अलका पाल, जितेंद्र सरस्वती, मंसूर अली मंसूरी, अरुण चौहान, जय सिंह गौतम आदि गणमान्य कांग्रेसियों की सहमति तस्वीर हटाने पर दिखाई गई है जो कि वास्तविकता से परे है। मुशर्रफ हुसैन ने कहा कि उक्त विवाद के समय वहां उपस्थित कांग्रेसियों ने कहा था कि स्व. चौधरी समरपाल सिंह जी अंतिम समय तक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे, उनके पार्थिव शरीर पर कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन महानगर अध्यक्ष रहे संदीप सहगल ने खुद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कांग्रेस ध्वज अर्पित कर श्रद्धांजलि दी थी, ऐसे में पूर्व सहकारिता मंत्री चौधरी समरपाल सिंह की तस्वीर हटाने को लेकर उनका आक्रोश समझ से परे था। यह उनकी व्यक्तिगत मांग थी न कि कार्यकर्ताओं का कोई सामूहिक निर्णय। कांग्रेस पार्टी पूर्व सहकारिता मंत्री चौधरी समरपाल सिंह जी का पूर्ण सम्मान करती है और हमेशा करती रहेगी।

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