March 6, 2026
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काशीपुर। सुप्रीम कोर्ट के परमवीर सिंह सैनी केस में दिये गये आदेशों पर उत्तराखंड के कुल 166 थानों में 996 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किये गये हैं तथा उनकी रिकार्डिंग क्षमता न्यूनतम 01 वर्ष की है। इसकी देखरेख तथा निरीक्षण के लिये पूर्ण व्यवस्था की गयी है। यह जानकारी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) के सूचना प्रार्थनापत्र पर पुलिस मुख्यालय ने उपलब्ध करायी है। नदीम उद्दीन ने उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर थानों में लगाये गये सीसीटीवी कैमरों तथा उनके रखरखाव आदि के सम्बन्ध में सूचनायें चाही थीं। इसके उत्तर में मुख्यालय पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड के लोक सूचना अधिकारी/पुलिस अधीक्षक (का.व्य.) कमलेश उपाध्याय ने पत्रांक 579 तथा कार्यालय महानिरीक्षक पुलिस दूर संचार उत्तराखंड के लोक सूचना अधिकारी/पुलिस उपाधीक्षक (पु.दूर.)/ कार्मिक सतेन्द्र सिंह नेगी ने अपने पत्रांक 126 से विवरण व पत्रों, एसओपी की फोटो प्रतियां उपलब्ध करायी हैं। उपलब्ध विवरणों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिनांक 02-12-2020 के अनुपालन में उत्तराखंड पुलिस विभाग द्वारा राज्य के समस्त 166 पुलिस थानों में 996 सीसीटीवी कैमरें लगाये गये हैं। इसके अन्तर्गत अल्मोड़ा जिले के 12 थानों में 72 सीसीटीवी कैमरें, बागेश्वर के 6 थानों में 36, चमोली के 10 थानों में 60, चम्पावत के 8 थानों में 48, देहरादून के 23 थानों में 138, हरिद्वार के 19 थानों में 114, नैनीताल के 16 थानों में 96, पौड़ी गढ़वाल के 14 थानों में 84, पिथौरागढ़ के 16 थानों में 96, रूद्रप्रयाग के 5 थानों में 30, टिहरी गढ़वाल के 12 थानों में 72, उधम सिंह नगर के 18 थानों में 108 तथा उत्तरकाशी के 7 थानों में 42 सीसीटीवी कैमरें लगाये गये है। नदीम को उपलब्ध सूचना/एसओपी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अपराध एवं कानून व्यवस्था के दृष्टिगत राज्य के प्रत्येक थाने में 06 अदद सीसीटीवी कैमरें मय 01 वर्ष की रिकाॅर्डिंग क्षमता व आडियो/वीडीयो की सुविधा के साथ स्थापित किये गये। कैमरों के निरीक्षण हेतु राज्य स्तरीय/जनपद स्तरीय समिति का गठन किया गया है। एसओपी में जनपद स्तर पर सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव की जिम्मेदारी में निरीक्षक (पू.दू.)/प्रभारी जनपद (पु.दू.), थानाध्यक्ष/प्रभारी तथा सीसीटीवी निगरानी में नियुक्त कर्मचारी के कर्तव्य/दायित्वों का स्पष्ट उल्लेख है। सीसीटीवी निगरानी में नियुक्त कर्मचारी के कर्तव्य/दायित्वों में ड्यूटी प्रारंभ होने से पूर्व सीसीटीवी कैमरों व उपकरणों की जांच व उसकी सूचना थानाध्यक्ष को देना, जांच के उपरान्त उसकी संबंधित रजिस्टर में प्रविष्टि करना, (अगले दिन) पूरी रात की रिकार्डिंग को चैक करना तथा इसकी आख्या थानाध्यक्ष को देना तथा कैमरों में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी दिखाई देने पर थानाध्यक्ष के माध्यम से जनपद के निरीक्षक (पु.दू.) को सूचित करना शामिल है। थानाध्यक्ष/थाना प्रभारी के दायित्वों में थाना स्तर पर सीसीटीवी कैमरों के रख रखाव हेतु हेड कांस्टेबिल/अपर सब इस्पैंक्टर को नोडल नामित करना, नोडल अधिकारी द्वारा प्रतिदिन कैमरों को चैक करना तथा तकनीकी खराबी होने पर निरीक्षक (पु.दू.) प्रभारी जनपद को सूचित करना, स्वयं प्रतिदिन प्रातः 8 बजे थाने में लगे कैमरों की रिकार्डिंग चैक करना तथा इसका अंकन सीसीटीवी़ निरीक्षक रजिस्टर में करना, कैमरों की रिकार्डिंग में छेड़छाड़ होने पर थानाध्यक्ष व नामित कर्मचारी का जिम्मेदार होना, विपरीत परिस्थितियों में हार्ड डिस्क बदलने की आवश्यकता पड़ने पर इसकी सूचना वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षक के माध्यम से जनपद स्तरीय निरीक्षण समिति को देना, सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष में कैमरों और संबंधित उपकरणों की निगरानी/संचालन के लिये थानाध्यक्ष एवं नामित नोडल अधिकारी का जिम्मेदार होना शामिल है। निरीक्षक (पु.दू.)/प्रभारी जनपद के दायित्वों में जनपद स्तर पर सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव को जिम्मेदार होना, थानों में पर्यवेक्षण हेतु नामित कार्मिकों की सूची थानाध्यक्षों से प्राप्त करना, प्रत्येक माह में थानों के कैमरों का निरीक्षण करना, जनपद नियंत्रण कक्ष द्वारा प्रत्येक दो घंटे में उक्त सीसीटीवी कैमरों के कार्यशील रहने की सूचना नोट करना तथा अक्रियाशील होने पर त्वरित निस्तारण करना, एएमसी समाप्त होने के तीन माह पूर्व कार्यवाही करना ताकि कैमरे निर्बाध रूप से कार्य कर सके, अधिकतम डाउन टाइम की समीक्षा करना तथा थाने में नियुक्त कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाना शामिल है। नदीम को उपलब्ध विवरण के अनुसार राज्य स्तरीय निरीक्षण समिति के सचिव गृह विभाग अध्यक्ष तथा सचिव वित्त विभाग, पुलिस महानिदेशक तथा अध्यक्ष/सदस्य राज्य महिला आयोग सदस्य बनाये गये है जबकि जनपद स्तरीय निरीक्षक समिति के मंडलायुक्त अध्यक्ष तथा जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, जिलों के महापौर, ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत अध्यक्ष सदस्य बनाये गये हैं।

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