काशीपुर। महाशिवरात्रि पर्व पर नगर के प्राचीन श्री शीतला माता मंदिर में भगवान शिव की आराधना और जलाभिषेक करने को आज भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान मंदिर के प्रबंधक/पीठाधीश पं. संदीप मिश्रा ने सभी को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिव एवं शक्ति की आराधना का पर्व है। यह पर्व हमें प्रेम, एकता और आध्यात्मिक जागरण की प्रेरणा देता है। आज महाशिवरात्रि पर बहुत वर्षों बाद कई शुभ योग एक साथ बन रहे हैं। इस दिन कुंभ राशि में बुधादित्य, शुक्रादित्य, लक्ष्मी नारायण और चतुर्ग्रही योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति, ध्रुव व व्यतिपात योग भी रहेंगे। यह दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के लिहाज से भी खास है। उन्होंने बताया कि भगवान शिव की त्रिगुणी सृष्टि है। इसमें तीन ही प्रकार से शिव की पूजा बताई गई है। इसमें सात्विक, राजसिक, तामसिक जो जिस भाव से शिव की पूजा करता है, उसे उसी प्रकार से शिव फल प्रदान करते हैं।गृहस्थ लोग सात्विक पूजन और राजसिक पूजा करते हैं। सात्विक पूजा में दूध दही, घी, शहद, बेल पत्र फूल मिठाई, फल और राजसिक में भांग धतूरा रुद्राक्ष कमल पुष्प से तामसिक पूजा की जाती है। अघोर साधना में भस्म की आरती, भस्म श्रृंगार से शिव को प्रसन्न किया जाता है। महा शिवरात्रि में सभी पूजन विशेष फल प्रदान करते हैं। बताया कि महाशिवरात्रि की यह पावन रात्रि सिर्फ व्रत और पूजन का अवसर नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और शिव कृपा पाने का दुर्लभ संयोग है। पं. संदीप मिश्रा ने बताया कि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आज शाम 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी।

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