काशीपुर। विद्युत विभाग काशीपुर से एडिशनल सरचार्ज क्रॉस सब्सिडी इलैक्ट्रीसिटी ड्यूटी और ग्रीन सैस के अन्तर्गत जमा रकम चार करोड़ ग्यारह लाख अट्ठावन हजार चार सौ चौरासी रुपये वापस दिलाने का वाद खारिज कर दिया गया है।गलबलिया इस्पात उद्योग प्राईवेट लिमिटेड, नारायणनगर, बाजपुर रोड, काशीपुर के द्वारा उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच, उधमसिंहनगर में परिवाद दायर कर कहा गया कि उनके पास 27500 के.वी.ए. का विद्युत कनेक्शन है। उनके द्वारा उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अलावा इण्डियन एनर्जी एक्सचेंज और केप्टिव पावर के माध्यम से ऑनलाईन बिजली खरीदी जाती है। विद्युत विभाग के द्वारा बाजार से खरीदी गयी बिजली पर एडिशनल सरचार्ज क्रॉस सब्सिडी इलैक्ट्रीसिटी ड्यूटी और ग्रीन सैस लगाया गया है, जो कि उनको आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है और यह कुल मिलाकर अब तक 4,11,58,484 रुपये (चार करोड़ ग्यारह लाख अट्ठावन हजार चार सौ चौरासी रूपये) बनता है, जो कि विद्युत विभाग से वापस दिलाया जाये। विद्युत विभाग की ओर से अधिवक्त अमरीश अग्रवाल ने जवाब दाखिल कर बहस में कहा कि विद्युत मंत्रालय भारत सरकार द्वारा केप्टिव जनरेशन प्लान्ट के माध्यम से लेने वाले उपभोक्ताओं के लिये केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण का गठन किया गया है, जहां सभी केप्टिव पावर प्लान्ट्स को रजिस्ट्रेशन कराया जाना आवश्यक है। वर्तमान में इस प्लान्ट का रजिस्ट्रेशन नहीं है, जिस कारण केप्टिव यूजर नहीं माना जा सकता है और केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के द्वारा ही हल निकाला जा सकता है, इसलिए गलबलिया इस्पात उद्योग प्राईवेट लिमिटेड को यहां पर परिवाद करने का अधिकार प्राप्त नहीं है। अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल की बहस व तर्कों से संतुष्ट होकर गलबलिया इस्पात उद्योग प्राईवेट लिमिटेड का 4,11,58,484/- रुपये (चार करोड़ ग्यारह लाख अट्ठावन हजार चार सौ चौरासी रूपये) वापस दिलाने का परिवाद अस्वीकार कर दिया गया।

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