काशीपुर। कुमायूँ गढ़वाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (केजीसीसीआई) द्वारा 4 लेबर कोड्स एवं पोश अधिनियम पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन होटल रुद्रा कॉन्टिनेंटल, काशीपुर बाईपास रोड, रुद्रपुर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों को नवीनतम श्रम कानूनों, वैधानिक अनुपालनों तथा कार्यस्थल से संबंधित दायित्वों की व्यावहारिक एवं व्यापक जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित गणनान्य अतिथियों एवं पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन केजीसीसीआई के कोषाध्यक्ष, श्री अंकित बंसल द्वारा किया गया। केजीसीसीआई अध्यक्ष विनीत कुमार संगल ने अपने संबोधन में सेमिनार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते औद्योगिक परिवेश में श्रम कानूनों एवं वैधानिक प्रावधानों की सही जानकारी प्रत्येक उद्योग के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योगों को श्रम कानूनों की बारीकियों एवं अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को समझने तथा अपने प्रतिष्ठानों में बेहतर एवं व्यवस्थित कार्यप्रणाली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सेमिनार के मुख्य वक्ता ललित बब्बर, हैड एचआर, गवर्नेस, एम्पलॉयमेंट लॉ एण्ड कम्प्लाएंस एडवायजरी, एनएकेएस एण्ड एसोसिएट्स, नई दिल्ली ने स्लाईड के माध्यम से प्रतिभागियों को 4 लेबर कोड्स के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। ललित बब्बर ने विशेष रूप से कोड ऑन वेजेज, 2019 के अंतर्गत वेजेज की एकीकृत परिभाषा, वेतन की एकीकृत परिभाषा, कुल वेतन संरचना (सीटीसी संरचना) पर इसके प्रभाव, वेतन भुगतान की समय-सीमा एवं माध्यम, वेतन से अधिकृत कटौतियां, कार्य के घंटे एवं विश्राम दिवस, लैंगिक भेदभाव की रोकथाम, बोनस तथा आवश्यक श्रम संहिताओं के अंतर्गत आवश्यक रजिस्टर एवं अभिलेख जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया।
इसके पश्चात इण्डस्ट्रियल रिलेशन कोड, 2020 के अंतर्गत औद्योगिक संबंधों, कर्मचारी एवं श्रमिक की परिभाषा तथा इससे जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों पर जानकारी दी गई।
वहीं ओएसएच एण्ड वर्किंग कण्डिशन कोड, 2020 के अंतर्गत प्रत्येक नियोक्ता के दायित्व, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानक, कर्मचारियों की संख्या के आधार पर उपलब्ध कराई जाने वाली कल्याणकारी सुविधाएं, सुरक्षा समिति, कैंटीन प्रबंधन समिति, कार्य के घंटे, अतिरिक्त कार्य एवं विश्राम, वार्षिक अवकाश एवं अवकाश नकदीकरण, अंतर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक के अधिकार एवं लाभ, दुर्घटना की रिर्पोटिंग तथा महिलाओं के रात्रि पाली में कार्य करने से संबंधित प्रावधानों को विस्तार से समझाया गया। इसी क्रम में कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रावधानों तथा कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी प्रतिभागियों को दी गई। चारों श्रम संहिताओं के विस्तृत सत्र के उपरांत पोश एक्ट (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम) पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। ललित बब्बर ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीडन की रोकथाम, पोश एक्ट के महत्व, कार्यस्थल पर जागरूकता तथा कौन-कौन से व्यवहार यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आते हैं, जैसे महत्वपूर्ण विषयों को उदाहरणों एवं व्यावहारिक परिस्थितियों के माध्यम से समझाया। उन्होंने उद्योगों एवं संस्थानों के लिए पोश एक्ट के अंतर्गत आवश्यक जागरूकता, जिम्मेदारियों एवं अनुपालन के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजन किया गया। ललित बब्बर द्वारा प्रतिभागियों के प्रश्नों एवं व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करते हुए उनकी शंकाओं का विस्तारपूर्वक निराकरण किया गया। कार्यक्रम के अंत में केजीसीआई, सिडकुल जोनल चेयरमेन अनूप कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, मुख्य वक्ता एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत के लिए ऐसे ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी हैं, जिनसे उद्योगों को बदलते श्रम कानूनों एवं अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को समझने में सहायता मिलती है। उन्होंने केजीसीसीआई द्वारा उद्योगों के हित में भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही। अंत में राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया।
इस अवसर पर केजीसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश कुमार मिड्डा, सचिव, अश्विनी छाबड़ा, अनूप कुमार सिंह, संजीव तोमर, बी.वी. श्रीधर, नरेश घई, अतुल कुमार मिश्र, ओमवीर चौहान, विनोद कुमार पंत, संजीव कुमार राम सूरत भारती, प्रशांत ओझा, कुंवर विक्रम सिंह, सुनील कुमार सिंह एवं सतवीर सिंह सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित गणनान्य अतिथियों एवं पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन केजीसीसीआई के कोषाध्यक्ष, श्री अंकित बंसल द्वारा किया गया। केजीसीसीआई अध्यक्ष विनीत कुमार संगल ने अपने संबोधन में सेमिनार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते औद्योगिक परिवेश में श्रम कानूनों एवं वैधानिक प्रावधानों की सही जानकारी प्रत्येक उद्योग के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योगों को श्रम कानूनों की बारीकियों एवं अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को समझने तथा अपने प्रतिष्ठानों में बेहतर एवं व्यवस्थित कार्यप्रणाली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।सेमिनार के मुख्य वक्ता ललित बब्बर, हैड एचआर, गवर्नेस, एम्पलॉयमेंट लॉ एण्ड कम्प्लाएंस एडवायजरी, एनएकेएस एण्ड एसोसिएट्स, नई दिल्ली ने स्लाईड के माध्यम से प्रतिभागियों को 4 लेबर कोड्स के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। ललित बब्बर ने विशेष रूप से कोड ऑन वेजेज, 2019 के अंतर्गत वेजेज की एकीकृत परिभाषा, वेतन की एकीकृत परिभाषा, कुल वेतन संरचना (सीटीसी संरचना) पर इसके प्रभाव, वेतन भुगतान की समय-सीमा एवं माध्यम, वेतन से अधिकृत कटौतियां, कार्य के घंटे एवं विश्राम दिवस, लैंगिक भेदभाव की रोकथाम, बोनस तथा आवश्यक श्रम संहिताओं के अंतर्गत आवश्यक रजिस्टर एवं अभिलेख जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया।
इसके पश्चात इण्डस्ट्रियल रिलेशन कोड, 2020 के अंतर्गत औद्योगिक संबंधों, कर्मचारी एवं श्रमिक की परिभाषा तथा इससे जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों पर जानकारी दी गई।
वहीं ओएसएच एण्ड वर्किंग कण्डिशन कोड, 2020 के अंतर्गत प्रत्येक नियोक्ता के दायित्व, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानक, कर्मचारियों की संख्या के आधार पर उपलब्ध कराई जाने वाली कल्याणकारी सुविधाएं, सुरक्षा समिति, कैंटीन प्रबंधन समिति, कार्य के घंटे, अतिरिक्त कार्य एवं विश्राम, वार्षिक अवकाश एवं अवकाश नकदीकरण, अंतर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक के अधिकार एवं लाभ, दुर्घटना की रिर्पोटिंग तथा महिलाओं के रात्रि पाली में कार्य करने से संबंधित प्रावधानों को विस्तार से समझाया गया। इसी क्रम में कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रावधानों तथा कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी प्रतिभागियों को दी गई। चारों श्रम संहिताओं के विस्तृत सत्र के उपरांत पोश एक्ट (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम) पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। ललित बब्बर ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीडन की रोकथाम, पोश एक्ट के महत्व, कार्यस्थल पर जागरूकता तथा कौन-कौन से व्यवहार यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आते हैं, जैसे महत्वपूर्ण विषयों को उदाहरणों एवं व्यावहारिक परिस्थितियों के माध्यम से समझाया। उन्होंने उद्योगों एवं संस्थानों के लिए पोश एक्ट के अंतर्गत आवश्यक जागरूकता, जिम्मेदारियों एवं अनुपालन के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजन किया गया। ललित बब्बर द्वारा प्रतिभागियों के प्रश्नों एवं व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करते हुए उनकी शंकाओं का विस्तारपूर्वक निराकरण किया गया। कार्यक्रम के अंत में केजीसीआई, सिडकुल जोनल चेयरमेन अनूप कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, मुख्य वक्ता एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत के लिए ऐसे ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी हैं, जिनसे उद्योगों को बदलते श्रम कानूनों एवं अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को समझने में सहायता मिलती है। उन्होंने केजीसीसीआई द्वारा उद्योगों के हित में भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही। अंत में राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया।
इस अवसर पर केजीसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश कुमार मिड्डा, सचिव, अश्विनी छाबड़ा, अनूप कुमार सिंह, संजीव तोमर, बी.वी. श्रीधर, नरेश घई, अतुल कुमार मिश्र, ओमवीर चौहान, विनोद कुमार पंत, संजीव कुमार राम सूरत भारती, प्रशांत ओझा, कुंवर विक्रम सिंह, सुनील कुमार सिंह एवं सतवीर सिंह सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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