August 20, 2026
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काशीपुर/रुद्रपुर। काशीपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला उद्योग मित्र, ऊधम सिंह नगर से उनके रुद्रपुर स्थित कार्यालय में मुलाकात कर जनपद के पुराने DIC औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को DIC औद्योगिक क्षेत्रों में दीर्घकालीन/99 वर्षीय लीज पर आवंटित औद्योगिक भूखण्डों को फ्रीहोल्ड किए जाने संबंधी ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि इन औद्योगिक क्षेत्रों में अनेक उद्यमी लगभग पांच दशकों से उद्योग संचालित कर रहे हैं और क्षेत्र के औद्योगिक विकास, रोजगार एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था में निरंतर योगदान दे रहे हैं। अधिकांश उद्योग अब दूसरी एवं तीसरी पीढ़ी द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन पुरानी लीज व्यवस्था के कारण स्वामित्व, उत्तराधिकार, बैंक वित्त, उद्योगों के विस्तार एवं आधुनिकीकरण से संबंधित अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि पुराने DIC औद्योगिक भूखण्डों के लिए एक सरल, पारदर्शी एवं उद्योग-अनुकूल Freehold Conversion Policy बनाने हेतु जिलाधिकारी राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी संस्तुति प्रेषित करें। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उद्यमी उचित एवं तर्कसंगत One-time Conversion Charges का भुगतान करने के लिए तैयार हैं, परंतु शुल्क निर्धारित करते समय दशकों पूर्व किए जा चुके भूमि मूल्य एवं विकास शुल्क के भुगतान तथा लंबे समय से उद्योग संचालन के तथ्य को ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली, पंजाब एवं पश्चिम बंगाल में औद्योगिक Leasehold भूमि को Freehold किए जाने संबंधी नीतियों एवं शासनादेशों का भी संदर्भ दिया और उनकी प्रतियां जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई।
एसोसिएशन ने विशेष रूप से यह भी कहा कि Freehold का अर्थ औद्योगिक भूमि के उपयोग में परिवर्तन नहीं होगा। नीति में यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि भूखण्ड का उपयोग केवल औद्योगिक प्रयोजन के लिए ही किया जाए, जिससे सरकार का मूल उद्देश्य पूरी तरह सुरक्षित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने इस मांग को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए “Next Level Reforms” तथा Ease of Doing Business के आह्वान से भी जोड़ा। एसोसिएशन का मानना है कि लगभग पांच दशक पुराने औद्योगिक क्षेत्रों की ऐसी समस्याओं का समाधान भी आधुनिक औद्योगिक सुधारों का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और ज्ञापन का अवलोकन करते हुए उचित स्तर पर आवश्यक कार्यवाही हेतु आश्वस्त किया।एसोसिएशन ने विश्वास व्यक्त किया कि जिलाधिकारी की सकारात्मक संस्तुति से यह विषय राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी रूप से पहुंचेगा और लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।
प्रतिनिधिमंडल में विनीत रावल, राजीव घई, अमित जैन, शिवओम पैगिया, अयुष अग्रवाल एवं अमित शर्मा उपस्थित रहे।

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