April 23, 2026
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देहरादून। थ्री-D (धाकड़, धर्मरक्षक और धुरंधर) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने चार साल के कार्यकाल में कई ऐसे ऐतिहासिक व सशक्त फैसले लिए हैं जिससे उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान मिली है। इसके अलावा थ्री-D धामी ने अवस्थापना विकास से राज्य के विकास को नई दिशा दी है। समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करना धामी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। इसे लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना और मुख्यमंत्री “धाकड़” धामी कहलाए। धामी सरकार ने राज्य में ऑपरेशन कालनेमी चलाया। साथ ही धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी “धर्मरक्षक” कहलाये।‌ सशक्त भू-कानून, दंगारोधी कानून, नकलरोधी कानून के अलावा मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का फैसला लिया है। साथ ही सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। धामी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसका परिणाम यह रहा कि बीते चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव करते हुए मदरसा बोर्ड को समाप्त कर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया। अब यही प्राधिकरण पाठ्यक्रम और शिक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करेगा। राज्य में 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया। सहकारी प्रबंध समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश में अब तक 2.54 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकेत है। स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख तक का बिना ब्याज ऋण देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना की शुरुआत कर महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है। देवभूमि उत्तराखंड आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने लगातार धामी की पीठ थपथपा कर उनका उत्साहवर्धन किया। विगत दिवस हल्द्वानी में आयोजित जनसभा में देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने धामी को धुरंधर बताते हुए यह इंगित कर दिया कि उत्तरा खंड में अगला विधानसभा चुनाव पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।‌ इससे प्रदेश भर के भाजपाइयों और भाजपा समर्थकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उल्लेखनीय है कि तमाम उठापटक, चर्चाओं, अफवाहों के बीच आखिरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांच साल बाद फिर अपनी टीम बना ली है। प्रदेश में निर्वाचित सरकारों में अब तक पूरे 11 कैबिनेट मंत्री बनाने का यह रिकॉर्ड विजय बहुगुणा के बाद धामी के नाम हो गया है। खास बात ये है कि सीएम धामी दो बार भरपूर कैबिनेट बनाने में कामयाब हुए। प्रदेश में पहली निर्वाचित सरकार एनडी तिवारी की थी, जिसमें नौ कैबिनेट मंत्री थे। इसके बाद बीसी खंडूरी की पहली सरकार में नौ, निशंक सरकार में सात, खंडूरी की दूसरी सरकार में छह, विजय बहुगुणा सरकार में 11, हरीश रावत सरकार में नौ, त्रिवेंद्र सरकार में छह और तीरथ सरकार में 8 कैबिनेट मंत्री बने। मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट में 12 सदस्यों की पूरी सरकार का यह रिकॉर्ड 2012 में विजय बहुगुणा के बाद अब दो बार पुष्कर सिंह धामी के नाम हो गया है। धामी-1 सरकार में भी 11 कैबिनेट मंत्री थे और धामी-2 सरकार वैसे तो आठ कैबिनेट मंत्रियों से शुरू हुई थी, लेकिन अब पूरी टीम-11 हो गई है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि ये टीम उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ा कमाल दिखायेगी।

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