May 12, 2026
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     देहरादून। यमुना कॉलोनी के शासकीय आवास (कोठी नंबर R-2) में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा की अध्यक्षता में उत्तराँचल पंजाबी महासभा की एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें प्रदेश की समस्त इकाइयों से भारी संख्या में पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को नई दिशा, नई ऊर्जा एवं अधिक सशक्त स्वरूप प्रदान करना रहा।
बैठक का संचालन नवीन गुलाटी एवं दीपक अरोड़ा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। प्रारम्भ में सभी अतिथियों एवं प्रदेशभर से पधारे प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया।
बैठक के दौरान उत्तराँचल पंजाबी महासभा के अध्यक्ष राजीव घई ने अत्यंत भावुक एवं गरिमामयी वातावरण में अपने अध्यक्ष पद से त्यागपत्र सौंपते हुए संगठन के प्रति अपनी दीर्घकालीन सेवा यात्रा एवं भावनात्मक जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय संगठन को नई ऊर्जा, नई सोच एवं नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ाने की भावना से लिया गया है। अपने संबोधन में राजीव घई ने वर्ष 2000 से श्री राममूर्ति वीर जी के नेतृत्व में महामंत्री के रूप में समाजसेवा का अवसर मिलने तथा बाद में तिलकराज बेहड़ एवं समस्त वरिष्ठ साथियों के सहयोग से “उपमा” को प्रदेश स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने की यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि समाज की एकता, सम्मान एवं संगठन की मजबूती ही सदैव उनकी प्राथमिकता रही है। राजीव घई ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले लगभग 15 वर्षों से पंजाबी समाज द्वारा समाज को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देने की मांग लगातार उठाई जा रही थी, जिसे मुख्यमंत्री ने समाज के वरिष्ठ नेता एवं विधायक प्रदीप बत्रा को महत्वपूर्ण दायित्व देकर पूर्ण किया। उन्होंने इसे सम्पूर्ण पंजाबी समाज के सम्मान एवं गौरव का विषय बताया।
उन्होंने सभा के समक्ष दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करने एवं कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा का उनकी उपस्थिति में प्रदेश स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित करने एवं संगठन की मजबूती, आपसी एकता एवं नई ऊर्जा के साथ कार्य करने हेतु नई कोर कमेटी एवं नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन का प्रस्ताव रखा। दोनों प्रस्तावों पर उपस्थित सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।
अपने उद्बोधन में राजीव घई ने विभाजन की त्रासदी में शहीद हुए लाखों हिन्दू-सिख परिवारों एवं बुजुर्गों के त्याग और बलिदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उत्तराँचल पंजाबी महासभा द्वारा वर्षों तक लगातार श्राद्ध-तर्प अरदास एवं स्मृति कार्यक्रम आयोजित कर विभाजन की पीड़ा को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अगस्त को “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” घोषित किया जाना उन बलिदानी आत्माओं को सच्ची श्रद्धांजलि है तथा सम्पूर्ण समाज इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए उनका सदैव ऋणी रहेगा। बैठक में संगठन के पुनर्गठन हेतु सर्वसम्मति से कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा को अंतिम निर्णय लेने हेतु अधिकृत किया गया।इसी क्रम में नई कार्यकारिणी एवं संगठनात्मक ढाँचे की रूपरेखा तैयार करने हेतु 7 सदस्यीय कोर कमेटी का गठन किया गया, जिसमें दिनेश मानसेरा, करण मल्होत्रा, राजीव सच्चर, देवेंद्र सिंह मान, हरीश जलहोत्रा, राजकुमार फुटेला एवं राज ओबेरॉय को सम्मिलित किया गया। संगठन के मार्गदर्शन एवं गरिमा को बनाए रखने हेतु प्रदीप बत्रा कैबिनेट मंत्री एवं विधायक रुड़की, विश्वास डाबर राज्य मंत्री, उत्तराखण्ड सरकार, शिव अरोरा विधायक, रुद्रपुर, श्रीमती सविता कपूर विधायक देहरादून कैंट, तिलक राज बेहड़ विधायक किच्छा, त्रिलोक सिंह चीमा विधायक, काशीपुर, दीपक बाली मेयर, काशीपुर, विकास शर्मा मेयर रुद्रपुर आदि वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों को संरक्षक मंडल में शामिल किया गया।
बैठक के अंत में समाज की एकता, संगठन की मजबूती एवं पंजाबी भाषा, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों की पहचान को सुरक्षित रखने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

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