August 21, 2026
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काशीपुर।‌ समाजसेविका श्रीमती नूपुर अग्रवाल गुप्ता ने समस्त बहन-बेटियों से राष्ट्र सेविका समिति की गतिविधियों से जुड़ने और तन-मन-धन से सहयोग प्रदान करने का आहवान किया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्र सेविका समिति हिन्दु महिलाओं की स्वयं सेवी संस्था है। जो कि 1936 में “लक्ष्मी बाई केलकर” जिन्हें “मौसी जी” कहा जाता है। उनके द्वारा बनाई गयी थी।
इसका ध्येय महिलाओं को व्यवस्थित करना, नेतृत्व क्षमता बढ़ाना। हिन्दु सांस्कृतिक मुल्यों से प्ररेणा लेकर समाज को सेवा देना। ये संस्था निम्न गतिविधियों को कराती है।
प्रतिदिन या साप्ताहिक शाखा- जिनमें कि शारीरिक अभ्यास योग राष्ट्र प्रेम के गीत व विचार विमर्श होता है। नेतृत्व क्षमता विकसित करने व व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम महिलाओं व बेटियों के लिये।
यह संस्था राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की विचारधारा से जुड़ी है। जो कि एक पुरूषों का संगठन है।
1 : शिक्षा-ये विद्यालय बालबाड़ी व ट्यूशन केन्द्र चलाती है। साक्षरता कार्यक्रम महिलाओं व बच्चों के लिए। ये गरीबी रेखा से नीचे के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, किताबें, वेश शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराती है। महिला सशक्तिकरण में नेतृत्व विकास कैम्पस, व्यक्तित्व विकास कैम्पस, रोजगार परक शिक्षा जैसे- टेलरिंग, हैंडीक्राफ्ट, कम्प्यूटर आदि। स्वास्थ्य, फाइनेंशियल जागरूकता व कानूनी अधिकार आदि से जागरूकता उपलब्ध कराती है।
2 : स्वास्थय शिक्षा-निःशुल्क स्वास्थय परीक्षण शिविर, ब्लड़ डोनेशन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ पोषण शिक्षा, स्वच्छता माहवारी संबंधी गतिविधियाँ।
3 : ग्रामीण व जनजातीय विकास- ग्रामीणों एवं जनजातियों में शिक्षा की व्यवस्था करना। स्वच्छता व साफ पानी आदि की जागरूकता लाना।
4 : प्राकृतिक आपदाओं में-जैसे कि बाढ़ आना,भूकंप, साइक्लोन आदि में भोजन बाँटना, कपड़े,दवाएँ व अन्य जरूरतों का सामान उपलब्ध कराना।
5 : सामुदायिक रसोई चलाना- सामुदायिक रसोई चलाकर समुदायों में व आपदा प्रभावितों को भोजन की आवश्यकताओं को पूरा करना। जहाँ तक सम्भव हो।
6 : बाल विकास व सुधार-बच्चों में शारीरिक स्वास्थय, मूल्यों व सांस्कृतिक शिक्षा हेतु कैंप लगाना। गरीब व मूक बधिर बच्चों में पोषण,शिक्षा उपलब्ध कराना।
7 : पर्यावरण संरक्षण-पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधारोपण स्थान-स्थान पर करवाना। पानी का संरक्षण व स्वच्छता करवाना।
8 : त्यौहारों को मनाना-सांस्कृतिक गतिविधियों, पारंपरिक कलाओं, संगीत व शारीरिक स्वास्थ्य, सामुदायिक सेवा व स्वयं सहायता को महिलाओं व बेटियों में बढ़ाना। सामुदायिक आवश्यकताओं के अनुसार राष्ट सेविका समिति की सेवाएँ क्षेत्र विशेष में अलग-अलग हो सकती है।

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