हल्द्वानी। शहर में कुछ नहरों की तो कवरिंग कर दी गई है, लेकिन कई नहरें आज भी खुली हुई हैं। खुली नहरें जानलेवा साबित हो रही हैं। हाल के वर्षों में नहरों में गिरने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी जिम्मेदार विभाग नहीं जागे हैं। जाग गए होते तो बुधवार को एक मासूम समेत चार लोगों की अकाल मौत नहीं होती। शहर में आबादी से होकर गुजरने वाली और मुख्य सड़कों के किनारे स्थित खुली नहरों को कवर करने की मांग समय-समय पर उठती रही है। लेकिन अब तक जिम्मेदार विभागों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। इसके चलते खुली हुईं नहरें यहां आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। शहर में जहां-जहां नहरें खुली हुई हैं, वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। मुख्य सड़कों के किनारे कुछ जगह फड़ ठेलों का अतिक्रमण है जिसके चलते यहां खुली हुई नहर दिन में नजर नहीं आती हैं। इसके अलावा एसटीएच के पीछे से गुजरने वाली नहर हो या फिर अन्य नहरें, इनके किनारे न तो पैरापिट हैं और न ही क्रैश बैरियर। इस कारण आए दिन लोगों के और वाहनों के नहरों में गिरने जैसे हादसे होते रहते हैं। पिछले साल ही नहर में गिरने के अलग-अलग हादसों में छह लोगों की मौत हुई थी।

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