March 6, 2026
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हल्द्वानी। कानून का सिद्धांत कहता है कि अपराधी भले छूट जाए लेकिन किसी भी निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए। यह सिद्धांत व्यवहारिकता पर खरा नहीं उतर रहा है। हत्या के आरोप में जिस शख्स का होटल कारोबार खत्म हो गया, 19 महीने जेल में गुजारे और चार साल तक यातनाएं झेलीं, उसी शख्स को अब हल्द्वानी की प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार की अदालत ने निर्दोष करार दिया है।

ये था पूरा मामला
17 जुलाई 2021 को लालकुआं के होटल नरूला में हेमा देवी का शव मिला था। जीभ बाहर थी और मुंह व कान से खून बह रहा था। इस मामले में महिला के पति देव सिंह मेहरा ने ग्राम असगोली, थाना द्वाराहाट अल्मोड़ा निवासी होटल कारोबारी पान सिंह अधिकारी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने हत्या के आरोप में पान सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे हल्द्वानी जेल भेज दिया गया था। 19 महीने तक पान सिंह जेल में रहा। चार साल तक इस आरोप में यातनाएं झेलता रहा। उसका कारोबार चौपट हो गया। घर वाले भी हत्यारे की नजर से देखने लगे। मामला कोर्ट में चला। 27 अगस्त को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार ने पान सिंह को निर्दोष करार दिया।

कब क्या हुआ था

* 17 जुलाई 2021 को मौत

* 18 जुलाई को पान सिंह पर हत्या का मुकदमा

* 16 अक्टूबर 2021 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल

* 05 अगस्त 2022 को कोर्ट आरोप लगाए जाने की तिथि

* 18 अगस्त 2022 साक्ष्य प्रारंभ करने की तिथि

* 19 अगस्त 2025 को निर्णय सुरक्षित

* 27 अगस्त 2025 को दोषमुक्त

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक शराब की पुष्टि
प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता चंदन सिंह अधिकारी व नवल पांडे ने बताया कि महिला के साथ घटना के दिन पान सिंह अधिकारी नहीं थे। पान सिंह अलग कमरे में रुके थे, जबकि महिला अलग कमरे में थी। जिस कमरे में महिला का शव मिला वहां शराब के चार गिलास मिले। जिनकी फोरेंसिंक जांच हुई और पान सिंह के हाथों के निशान नहीं मिले। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मौत का कारण अत्यधिक शराब आई थी। महिला के ब्रेन में भी शराब पाई गई। तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।

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