काशीपुर। सुप्रीम कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश पर हमले के प्रयास की घटना को कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं एससी-एसटी आयोग के पूर्व सदस्य जय सिंह गौतम ने अत्यंत शर्मनाक, दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताते हुए कहा है कि यह सिर्फ देश के मुख्य न्यायाधीश पर नहीं, बल्कि हमारे संविधान, संपूर्ण न्याय व्यवस्था और कानून के शासन पर हमला है। मीडिया को जारी अपने वक्तव्य में जय सिंह गौतम ने कहा कि माननीय मुख्य न्यायाधीश ने अपनी मेहनत, लगन और योग्यता के दम पर समाज के सारे बंधनों को तोड़कर सर्वोच्च न्यायिक पद हासिल किया है। उनपर इस तरह का हमला न्यायपालिका और लोकतंत्र, दोनों के लिए घातक है। इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्री गौतम ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के वक्त देश के माननीय मुख्य न्यायाधीश पर वकील द्वारा जूता फेंकने की घटना अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण, शर्मनाक और चिंताजनक है। कोर्ट से बाहर ले जाते
वक्त जिन शब्दों का उच्चारण वकील ने
किया है वह शब्द वकील की मानसिकता को बताते हैं। इस प्रकार की मानसिकता, इस प्रकार की सोच अत्यधिक निंदनीय है और यह माननीय मुख्य न्यायाधीश पर हमला नहीं बल्कि यह प्रहार भारत के संविधान पर है, उन मूल्यों और मान्यताओं पर है जिनके लिए भारतीय संविधान और लोकतंत्र खड़ा है। जूता फेंकने की कोशिश करने वाले अधिवक्ता की मानसिक सोच के साथ-साथ उसके राजनीतिक संबंधों का भी ब्यौरा देश के सामने लाया जाना चाहिए और जो ब्यौरा अभी तक सामने आया है, वह यह बताता है कि जो लोग देश के अंदर असहिष्णुता पैदा करने की चेष्टा कर रहे हैं, यह घटना उसी का परिणाम है।

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