March 6, 2026
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काशीपुर। दीपावली के अगले दिन कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा होती है। इसे अन्नकूट उत्सव के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार भगवान श्रीकृष्ण द्वारा ब्रजवासियों को देवराज इंद्र के प्रकोप से बचाने की कथा को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन पूजा-पाठ करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में शुभता का आगमन होता है।गोवर्धन पूजा का संबंध सीधे भगवान श्रीकृष्ण की लीला से है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र की पूजा न करके गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए कहा। इससे क्रोधित होकर इंद्र ने गोकुल पर भारी बारिश की। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की। यह पूजा अहंकार पर भक्ति और प्रकृति की शक्ति की विजय का प्रतीक है। इस दिन गाय माता की भी विशेष पूजा होती है। इसके अलावा इस महापर्व को अन्नकूट उत्सव भी कहा जाता है, जिसमें नए अनाज और सब्जियों से विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं और भोग के रूप में अर्पित किए जाते हैं। गोवर्धन पूजा पर भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग चढ़ाने की परंपरा बेहद पुरानी है। ऐसी मान्यता है कि जब श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया था, तब उन्होंने लगातार सात दिनों तक ब्रजवासियों की रक्षा की। इस दौरान उन्होंने अन्न और जल ग्रहण नहीं किया। माता यशोदा अपने बाल कृष्ण को दिन में आठ पहर भोजन कराती थीं। जब सात दिन बाद इंद्र का क्रोध शांत हुआ, तो ब्रजवासियों और माता यशोदा को यह चिंता हुई कि कृष्ण सात दिनों तक भूखे रहे। इसलिए उन्होंने सातों दिन के आठों पहर के भोजन की भरपाई करने के लिए 56 तरह के व्यंजन बनाए और मुरलीधर को भोग लगाया। तभी से यह परंपरा चली आ रही है कि भक्त अपनी भक्ति और प्रेम को प्रकट करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग चढ़ाते हैं। इसी क्रम में प्रतिवर्ष की मां इस वर्ष भी काशीपुर में विभिन्न मंदिरों में अन्नकूट का प्रसाद वितरण किया गया। बुधवार को चैती मेला परिसर स्थित मां बाल सुंदरी देवी मंदिर में अन्नकूट पूजा का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरित किया गया। अन्नकूट पूजन के आयोजक पूर्व प्रधान आनंद कुमार व पार्षद अनिल कुमार ने बताया मंदिर में लगभग 15 वर्ष पहले उनके पिता बाबू राम प्रापर्टी डीलर ने अन्नकूट भंडारे की शुरूआत की थी। तभी से भंडारे का आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाता है। इस अवसर पर पर मंदिर के मुख्य पुजारी पंडा विकास अग्निहोत्री, राम मेहरोत्रा, अमित सिंह, बलराम सिंह तोमर, कुणाल तोमर, अभिषेक तोमर, रुद्राक्ष, शिवांश तोमर आदि मौजूद रहे। उधर मां श्री शीतला देवी माता मंदिर में भी अन्नकूट पूजन का आयोजन कर प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी पं. संदीप मिश्रा, राकेश अरोरा रॉकी, मनीषा अरोरा, सार्थक अरोरा, विक्की, शंकर लाल, राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे। मां मनसा देवी मंदिर में भी विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत अन्नकूट का प्रसाद बांटा गया। इस अवसर पर पं. विजय शर्मा, राजेन्द्र माहेश्वरी, आशीष शर्मा ‘खुट्टू’, विशाल रुहेला, शोभित शर्मा, सौरभ शर्मा, हैप्पी ठाकुर, विपिन कुमार, विशेष कुमार, नितिन कुमार आदि थे। उधर, गंगे बाबा मंदिर में भी गोवर्धन पर्व की धूम रही। यहां भी विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत अन्नकूट का प्रसाद बांटा गया। इस अवसर पर मंदिर के महंत के अलावा वेदप्रकाश विद्यार्थी, कृष्ण गोपाल सक्सेना, संदीप सक्सेना व राजेश शर्मा आदि मौजूद थे। में बाजार स्थित हनुमान मंदिर, प्रेम मंदिर, मुल्तानी मोड़ स्थित शिव मंदिर के साथ ही मां काली देवी मंदिर और बालाजी मंदिर पर भी अन्नकूट बांटा गया।

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