देहरादून। मोदी 3.0 सरकार के कैबिनेट में फेरबदल और विस्तार को लेकर चर्चा तेज है। सोशल मीडिया से लेकर भाजपा संगठन में भी इन दिनों इस बात की चर्चा हो रही है कि आखिर कब मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला कैबिनेट विस्तार होगा।
माना जा रहा है कि जुलाई में कभी भी विस्तार और फेरबदल किया जा सकता है। उत्तराखंड, यूपी और पंजाब में विधानसभा चुनाव को देखते हुए मोदी की नई टीम में तीनों राज्यों का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सकता है या कुछ चेहरों की एंट्री हो सकती है। जिसमें सारे समीकरणों को साधने की कोशिश की जा सकती है। उत्तराखंड की बात करें तो कुमाऊं से अजय टम्टा मोदी कैबिनेट में परिवहन राज्य मंत्री हैं। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ संसदीय क्षेत्र से लगातार तीसरी बार चुनाव जीते अजय टम्टा मोदी कैबिनेट में दो बार राज्यमंत्री रहे हैं। वे भाजपा के दलित चेहरे हैं। इससे पहले टम्टा को 2014 में मोदी मंत्रिमंडल में कपड़ा राज्यमंत्री बनाया गया था। अब मोदी कैबिनेट की नई टीम में उत्तराखंड से एक और चेहरे को शामिल करने की चर्चा है।
अनिल बलूनी : गढ़वाल संसदीय सीट से ब्राह्रमण चेहरा हैं। जो कि पहली बार सांसद बने हैं। बलूनी भाजपा की राष्ट्रीय टीम में मीडिया प्रभारी का काम संभाल रहे हैं। वे मोदी और अमित शाह के सबसे करीबी नेताओं में माने जाते हैं। बलूनी को मोदी टीम में शामिल कर भाजपा एक साथ कई समीकरणों को साध सकती हैं।
त्रिवेंद्र रावत : हरिद्वार संसदीय सीट से ठाकुर चेहरा हैं। त्रिवेंद्र रावत उत्तराखंड के पूर्व सीएम भी हैं। अनुभवी नेता और अमित शाह के करीबी नेताओं में शामिल रहे हैं। त्रिवेंद्र को सरकार और संगठन दोनों में काम करने का अनुभव है। हरिद्वार सीट उत्तराखंड में गढ़वाल और मैदानी दोनों का प्रतिनिधित्व करती है। साथ ही जब से सीएम पद से त्रिवेंद्र को हटाया गया है तब से उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने की बात की जाती रही है। ऐसे में इस बार मोदी टीम में शामिल करने की प्रबल चर्चा है।
अजय भट्ट : नैनीताल-उधम सिंह नगर सीट से दूसरी बार सांसद हैं। भट्ट कुमाऊं के ब्राह्मण चेहरे हैं। इससे पहले मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वे रक्षा मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। अजय भट्ट भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। ऐसे में सरकार और संगठन चलाने का अच्छा अनुभव है।
माला राज्य लक्ष्मी शाह : टिहरी गढ़वाल से चौथी बार सांसद हैं। वह टिहरी की शाही परिवार से हैं। माला राज्य लक्ष्मी शाह उत्तराखंड से एक मात्र महिला सांसद हैं। रानी को मोदी कैबिनेट में शामिल कर भाजपा चौंका सकती है।
3 फॉर्मूलों की चर्चा
फॉर्मूला-1 : अजय टम्टा को नहीं बदला जाए और गढ़वाल से किसी एक चेहरे त्रिवेंद्र, अनिल बलूनी या रानी में से किसी एक को राज्य मंत्री के तौर पर शामिल किया जाए।
फॉर्मूला-2 : अजय टम्टा की जगह गढ़वाल से किसी एक चेहरे त्रिवेंद्र, अनिल बलूनी या रानी में से किसी एक को राज्य मंत्री के तौर पर शामिल किया जाए।
फॉर्मूला-3 : अजय टम्टा की जगह अजय भट्ट को मौका दिया जाए।
भाजपा की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में उत्तराखंड से दो सांसद एक साथ मंत्री रह चुके हैं। इनमें बच्ची सिंह रावत और बीसी खंडूरी थे। इसके बाद उत्तराखंड से एक साथ दो सांसद मंत्री नहीं बने हैं। इस बार भी मोदी सरकार में इस तरह का प्रयोग किया जा सकता है।
उत्तराखंड में हैं पांच लोकसभा और तीन राज्य सभा सीटें
माला राज्य लक्ष्मी शाह – टिहरी
अनिल बलूनी – गढ़वाल
त्रिवेंद्र सिंह रावत – हरिद्वार
अजय भट्ट – नैनीताल-ऊधमसिंह नगर
अजय टम्टा – अल्मोड़ा (SC)
राज्यसभा सांसद- नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी, महेंद्र भट्ट प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।
मोदी कैबिनेट में उत्तराखंड से एक और चेहरे को शामिल किया जा सकता है। संगठन में बदलाव की चर्चा के साथ ही कैबिनेट में शामिल करने में सारे समीकरणों और चुनाव को ध्यान में रखते ही भाजपा बदलाव करेगी। लेकिन जिस तरह से बीजेपी का इतिहास रहा है, ऐसे में इस बार भाजपा चौंका भी सकती है।

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