July 17, 2026
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देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित हर्रावाला रेलवे स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन किया। हर्रावाला रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे। इसके अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी कार्यक्रम में शामिल हुई। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हर्रावाला रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण किया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

उत्तराखंड के 11 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन पुनर्विकास योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के 11 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इसी योजना में शामिल हर्रावाला रेलवे स्टेशन लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हो चुका है। हर्रावाला रेलवे स्टेशन देहरादून से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वर्तमान में देहरादून रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 16 ट्रेनों का संचालन होता है, जिनमें से केवल तीन ट्रेनों का ठहराव हर्रावाला स्टेशन पर है। इन ट्रेनों का ठहराव भी मात्र दो मिनट का है।

भविष्य में और अधिक ट्रेनों का ठहराव यहां संभव :
स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 80 से 90 टिकटों की बिक्री होती है, जिनकी कुल कीमत लगभग 5,000 रुपये होती है। यहाँ काउंटर से केवल सामान्य श्रेणी (जनरल) के टिकट ही उपलब्ध हैं। हर्रावाला स्टेशन अधीक्षक गोपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि वर्तमान में स्टेशन पर केवल एक प्लेटफार्म उपलब्ध है। क्षेत्र की बढ़ती आबादी और यात्रियों की सुविधा को देखते हुए भविष्य में और अधिक ट्रेनों का ठहराव यहां संभव है।
वर्तमान में क्षेत्र के अधिकांश यात्रियों को ट्रेन पकड़ने या उतरने के लिए देहरादून जाना पड़ता है, जिससे शहर में यातायात का दबाव बढ़ जाता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर हर्रावाला स्टेशन पर अधिक ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई जाती रही है। स्टेशन के आसपास लगभग एक लाख की आबादी निवास करती है। यदि अधिक ट्रेनों का ठहराव यहाँ सुनिश्चित किया जाता है तो यात्रियों के समय, धन तथा ईंधन की बचत होगी। पुनर्विकास योजना के अंतर्गत स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है। इनमें वेटिंग रूम, आरक्षण काउंटर, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष काउंटर, जलपान गृह, पूछताछ केंद्र, पार्किंग तथा लगभग 15 कमरों का निर्माण शामिल है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नव विकसित हर्रावाला रेलवे स्टेशन को पूर्ण रूप से कब संचालित किया जाएगा और कब अधिक ट्रेनों का ठहराव यहाँ सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि क्षेत्र की जनता को इस आधुनिक स्टेशन का पूरा लाभ मिल सके।

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